न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट तृतीय ने जानलेवा हमले के तीन साल पुराने मामले में अभियुक्त को सात साल कैद की सजा सुनाई है। घरेलू कहासुनी में अभियुक्त ने अपनी भाभी पर ही गोली चला दी थी, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गई थीं।
मुरसान के गांव गुबरारी निवासी इंदल सिंह ने 18 अक्तूबर 2022 को मुरसान कोतवाली में अपने भाई लक्ष्मण सिंह के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इंदल के अनुसार लक्ष्मण सिंह अपनी ससुराल मथुरा के रसूलपुर में रहता था। 17 अक्तूबर 2022 को वह गांव आया और पारिवारिक विवाद को लेकर पिता रामवीर सिंह व उन लोगों से झगड़ने लगा।
गाली-गलौज करने पर पिता ने उसे टोका और डांट लगाई। इस पर लक्ष्मण ने तमंचा निकाला तथा इंदल की पत्नी नीतेश देवी पर फायर कर दिया। गोली नीतेश के सीने पर लगी और वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। उन्हें आनन-फानन अस्पताल ले जाया गया, जहां कई दिनों तक भर्ती रहीं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था और तमंचा भी बरामद किया था।
प्रकरण अपर सत्र न्यायाधीश हर्ष अग्रवाल की कोर्ट में ट्रायल पर था। शुक्रवार को न्यायालय ने सबूत व गवाहों के आधार पर लक्ष्मण सिंह को दोषी सिद्ध किया और जानलेवा हमले में उसे सात साल की कैद, पांच हजार रुपये जुर्माना, आयुध अधिनियम में तीन साल की कैद व दो हजार रुपये जुर्माना तथा अभद्रता व अपमानित करने पर दो वर्ष कैद की सजा सुनाई है।