लिपिक, अनुदेशक की गलत नियुक्ति के आरोपी बाबू का कासगंज तबादला
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के आदेश के बाद बीएसए ने लिपिक को किया कार्यमुक्त
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। बीएसए दफ्तर में तैनात लिपिक का सचिव उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा ने कासगंज में तबादला किया गया है। लिपिक पर एडेड विद्यालयों में लिपिकों की अनियमित नियुक्ति के अनुमोदन और अवैधानिक रूप से अनुदेशक की नियुक्ति कराने का आरोप है। मामले में दोषी पाए जाने पर शासन ने स्थानांतरण की कार्रवाई की है। बीएसए ने अब बाबू को कार्यमुक्त कर दिया है।
वरिष्ठ सहायक कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी गजेंद्र कुमार पर अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में लिपिकों की अनियमित नियुक्ति का अनुमोदन करने और अवैधानिक तरीके से अनुदेशक की नियुक्ति कराए जाने का आरोप था। शिकायत के बाद पूरे मामले की जांच हुई, जिसमें गजेंद्र कुमार को दोषी पाया गया है। मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) अलीगढ़ द्वारा गजेंद्र के निलंबन पर अंतिम निर्णय लेने और बीएसए को निर्देशित करने और लिपिक का स्थानांतरण किसी अन्य जनपद में करने किए जाने का अनुरोध किया गया।
इस प्रकरण को 26 अगस्त 2019 की परिषद की बैठक में भी उठाया गया, जिसके बाद परिषद द्वारा सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि संबंधित लिपिक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए और उसे किसी दूसरे में जनपद में स्थानांतरित किया जाए, जिससे जांच प्रक्रिया प्रभावित नहीं हो। इसको आधार बताते हुए सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज रूबी सिंह ने लिपिक गजेंद्र कुमार को खंड शिक्षा अधिकारी हाथरस से हटाकर कासगंज में स्थानांतरित किया है।
सचिव बेसिक शिक्षा परिषद प्रयागराज ने गजेंद्र कुमार वरिष्ठ सहायक का स्थानांतरण जनपद कासगंज में किया है। इस संबंध में हमें पत्र भी प्राप्त हुआ है। शासन के आदेशानुसार लिपिक को गुरुवार को बीएसए कासगंज के लिए कार्यमुक्त कर दिया गया है, ताकि शासन के आदेश का पालन हो सके।
-हरीशचंद्र, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी हाथरस।