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हत्या के मामले में आरोपी को उम्रकैद

Tue, 03 Jan 2017 11:46 PM IST
अमर उजाला, हाथरस
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court shimla
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अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने शहर में दुकान पर कब्जे को लेकर हुई हत्या के बहुचर्चित मामले में चार में से तीन आरोपियों को दोषी करार दिया है। न्यायालय में प्रस्तुत अभियुक्त प्रभुदास त्यागी को उम्रकैद की सजा एवं 1 लाख 25 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई हैं। अर्थदंड अदा नहीं करने पर दो वर्ष के अतिरिक्त कारावास एवं अर्थदंड देने पर उसमें से 70 फीसदी धनराशि मृतक के आश्रितों को दिए जाने का फैसला सुनाया है।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक वादी की ओर से संजीव कुमार निवासी ग्राम भगवंतपुर ने 19 फरवरी 2015 को दी गई तहरीर में कहा कि उसने वर्ष 1999 में मुरसान गेट स्थित परमहंस मार्केट में एक दुकान किराए पर ले रखी थी, जिसमें वह हार्डवेयर का करोबार करता है। राधारमन मंदिर मुरसान गेट का महंत प्रभुदास त्यागी इस दुकान को जबरन गुंडागर्दी के बलबूते खाली कराना चाहता था। दोपहर करीब एक बजे वादी, उसके चचेरे भाई हरिओम, हाकिम व भतीजा जितेंद्र दुकान पर बैठे थे।

उसके गांव के संतसरन और बच्चू सिंह दुकान पर सामान खरीदने आ रहे थे। उसी समय प्रभुदास त्यागी, उनकी पत्नी पूजा त्यागी व बाबा का चेला मोना उर्फ मोनू निवासीगण ठाकुर राधारमन मंदिर मुरसान      गेट और बिजेंद्र उर्फ बंडा      निवासी नगला कुंवरजी असलाह लेकर आए और अंधाधुंध फायरिंग कर दी। 
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इसमें वादी के चचेरे भाई हाकिम, हरिओम और भतीजे जितेंद्र बुरी तरह से घायल हो गए, जिन्हें आसपास के लोगों के सहयोग से बागला जिला अस्पताल लाया गया। जहां परीक्षण के बाद चिकित्सकों ने हरिओम को मृत घोषित कर दिया। आईपीसी की धारा 302 में प्रभुदास त्यागी को सश्रम आजीवन कारावास और एक लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

धारा 307 में भी 10 वर्ष के कारावास एवं 20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है, वहीं धारा 25 आयुध अधिनियम में तीन वर्ष की कैद एवं पांच हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। चौथे आरोपी बिजेंद्र निवासी नगला कुंवरजी को न्यायालय ने साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त किया है। वादी की ओर से पैरवी एडीजीसी राजेंद्र वार्ष्णेय ने की। 

कोतवाली हाथरस गेट क्षेत्र के प्रभुदास बनाम राज्य के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने दोषी होने के बावजूद न्यायालय में हाजिर नहीं होने पर दो अभियुक्तों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया। न्यायालय ने आरोपी पूजा त्यागी पत्नी प्रभुदास त्यागी एवं मोना उर्फ मोनू निवासी ठाकुर राधारमन मंदिर मुरसान गेट के खिलाफ धारा 82,83 की कार्रवाई करते हुए पुलिस को नोटिस चस्पा करने एवं कुर्की करने के आदेश जारी किए हैं।

वहीं अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय एसएन त्रिपाठी के न्यायालय ने घर में घुसकर छेड़छाड़ करने एवं धारा 4 पॉक्सो अधिनियम के एक-एक आरोपी के जमानत प्रार्थना पत्र को निरस्त कर दिया है। यह दोनों अभियुक्त कोतवाली सदर और कोतवाली सिकंदराराऊ क्षेत्र के हैं। अभियोजन पक्ष के मुताबिक शहर कोतवाली क्षेत्र के धारा 554, 452 आईपीसी और धारा 4 पॉक्सो अधिनियम के आरोपी बलराम उर्फ बबलू की ओर से न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया,  जबकि कोतवाली सिकंदराराऊ क्षेत्र के धारा 354, 452, 323, 504 और 506 आईपीसी और धारा चार पॉक्सो अधिनियम के आरोपी मनु कुमार की तरफ से भी न्यायालय में जमानत के लिए अर्जी दी गई। न्यायालय ने दोनों आरोपियों की जमानत अर्जी निरस्त  कर दिया।
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