बढ़ती गर्मी के बीच जहां यात्री एसी बसों में राहत भरा सफर करना चाहते हैं तो शहर के यात्रियों को एसी बसों में सफर करने का मौका नहीं मिल पा रहा। हाथरस डिपो के पास तो अपनी कोई एसी बस है नहीं, दूसरे डिपो की बसें भी सीधे बाईपास होकर निकल जा रही हैं। एसी बस पकड़ने के लिए उन्हें बाईपास तक की दौड़ लगानी पड़ रही है।
इस स्थिति में बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को काफी असुविधा होती है। जो यात्री बाईपास पर उतरते हैं, उन्हें शहर तक पहुंचने के लिए ऑटो या अन्य निजी साधनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे किराये का अतिरिक्त बोझ भी बढ़ जाता है।
यहां अहम है कि इन दिनों तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। ऐसे में एसी बसों की जरूरत और भी बढ़ जाती है, लेकिन शहर के अंदर से इन बसों का संचालन न होने से यात्रियों को मजबूरी में साधारण बसों या अन्य साधनों से सफर करना पड़ रहा है।
स्थानीय यात्रियों ने परिवहन निगम से मांग की है कि बसों को अनिवार्य रूप से शहर के अंदर से ही संचालित कराया जाए और नियमों का पालन न करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। हाथरस डिपो प्रभारी मंगेश कुमार का कहना है कि इस बारे में संबंधित डिपो के अधिकारियों से पत्राचार किया जाएगा और पूरा प्रयास रहेगा कि एसी बसें शहर के अंदर होकर ही गुजरें।
निर्देशों के बावजूद लापरवाही
परिवहन निगम की ओर से पहले ही निर्देश जारी किए जा चुके हैं कि बसों को शहर के अंदर से होकर संचालित किया जाए, ताकि यात्रियों को सुविधा मिल सके। इसके बावजूद कई बस चालक इन निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं और सीधे बाईपास से बसें निकाल रहे हैं।
यात्रियों की परेशानी
-एसी बस पकड़ने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ रही
-बाईपास से शहर तक आने-जाने में अतिरिक्त खर्च
-समय की बर्बादी और असुविधा
-गर्मी में सामान्य बसों में सफर की मजबूरी