औद्योगिक क्षेत्र में तमाम फैक्टी संचालित हैं। इन फैक्टि्रयों से निकलने वाले धुएं व गंदे पानी को लेकर कई बार ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत की है, लेकिन इन शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप हैं इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा वायु प्रदषूण होता है।
कृषि विभाग की टीम ने मौके पर पहुंच की दस्तावेजों की जांच
बॉयलर फटने की सूचना पर कृषि रक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने मौके पर पहुंचकर लाइसेंस व अन्य दस्तावेजों की जांच की । जांच के दौरान लाइसेंस सही पाया गया। इस दौरान फैक्टरी में उत्पादन न होकर रसायनों का टेस्ट होना पाया गया।
सुरक्षा को लेकर उठे
औद्योगिक क्षेत्र संचालित कई फैक्ट्रियों में सुरक्षा के मानकों की अनदेखी की जा रही है। आस पास के गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्रियों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम नहीं किए गए हैं। फैक्ट्री संचालित करने के लिए फैक्ट्री संचालकों को प्रदूषण, अग्निशमन, सुरक्षा मानक सहित विभिन्न मानकों का ध्यान रखना होता है। लेकिन हकीकत ये है कि ये मानक सिर्फ कागजी ही रह जाते हैं। कुछ फैक्ट्रियों की वास्तविक स्थिति इन मानकों से कोसों दूर होती है। फैक्ट्री से निकलने वाला वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण, ध्वनि प्रदूषण आस पास के क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बने हुए हैं। क्षेत्रीय ग्रामीणों में बॉयलर ब्लास्ट की घटना के बाद से भारी आक्रोश है।
कृषि विभाग को नहीं जानकारी, चल रहे थे कीटनाशक मूल मिश्रण तैयार करने के टेस्ट
हाथरस जिले के औद्योगिक क्षेत्र में संचालित एक्सेल फॉस्फेट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बारे यहां कृषि रक्षा विभाग को इस फैक्टरी के संचालन को लेकर कोई अधिकारिक जानकारी नहीं है। यहां तक कि कृषि रक्षा अधिकारी को इस फैक्टरी के संचालन के बारे में फैक्टरी स्वामी द्वारा भी कोई सूचना नहीं दी गई है। बिना कृषि रक्षा विभाग की निगरानी के यहां इस फैक्टरी में कीटनाशक दवा का मूल मिश्रण का टेस्ट किया जा रहा था।
कृषि रक्षा विभाग के अनुसार करीब 7-8 माह पूर्व ही कीटनाशक दवाओं के मूल मिश्रण बनाने को लेकर लखनऊ कार्यालय से लाइसेंस जारी किया गया है। हैरानी की बात यह है कि अभी तक इस लाइसेंस के जारी होने की सूचना कृषि रक्षा विभाग को नहीं है। जिला कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार के अनुसार इस फैक्टरी में वर्तमान कीटनाशक दवा के लिए मूल मिश्रण बनाने की टेस्टिंग चल रही है। इस टेस्टिंग के पूरी होने के बाद जब उत्पादन ईकाई शुरु होगी , तब जाकर मुआयना किया जाएगा। उत्पादन का रिकॉर्ड देखा जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी उच्चाधिकारियों की ओर से भी इस फैक्टरी के संचालन के संबंध में कोई सूचना नहीं दी गई है। हैरानी की बात यह है कि जिले में कृषि रक्षा विभाग की बिना मॉनीटरिंग फैक्टरी का संचालन तमाम तरह के सवाल खड़े कर रहे हैं। यहां तक कि विभाग ने अभी तक इस फैक्टरी के संचालन को लेकर कोई भी जानकारी तक जुटाना सही नहीं समझ़ा। इस तरह के तमाम सवाल अभी खडे़ हुए हैं।
सुबह करीब साढे़ नौ बजे जैसे ही धमाके साथ धुएं का गुबार आसमान में छाया तो आसपास के लोग भी घबरा गए।क्षेत्रीय लोगों की जुबान पर बस एक बात थी कि इस तरह से हुए धमाके में कई लोगों की जान गई होगी। लोगों ने अनुमान लगाना शुरु कर दिया इस तरह के हादसे में तो कई जानें गई होंगी। इसे लेकर लोग फैक्टरी तक पहुंच गए।
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने चेक किए रजिस्टर
हादसे के बाद कोतवाली हसायन पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने फैक्टरी के अंदर पहुंच हादसे स्थल का मुआयना किया। इस दौरान घटना के बारे में जानकारी ली। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मजदूरों की उपस्थिति के बारे में जानकारी लेते हुए उपस्थिति चेक की। वहीं सिकंदाराराऊ एसडीएम ने भी मौके पर पहुंचकर मुआयना किया।
मुरब्बा फैक्टरी में काम करने वाली महिला मजदूरों ने बॉयलर के टुकडे़
एक्सल फॉस्फेट प्राइवेट लिमिटेड के निकट एक मुरब्बा की फैक्टरी संचालित है। इस फैक्टरी में ड्रायर फटने के दौरान महिला मजदूर कार्य कर रही थीं। बॉयलर के टुकडे़ फटकर इन महिलाओं के सिर पर आकर लगे, जिससे इन महिलाओं के सिर व शरीर पर चोटें आई।
स्कूल परिसर के निकट गिरा था बॉयलर का टुकड़ा, दहशत में बच्चे व ग्रामीण
फैक्टरी में बॉयलर कुछ तरह फटा कि उसके टुकडे़ एक किलोमीटर तक के रेडियस में जाकर जगह-जगह गिरे। एक टुकड़ा तो प्राथमिक विद्यालय नगला कांच के निकट जाकर गिरा। इस टुकडे़ के गिरते ही ग्रामीण व बच्चों में गिरने की आवाज से दहशत फैल गई। खैरियत यह रही कि बच्चे अगर स्कूल जा रहे होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। उस दौरान कोई ग्रामीण भी उस सड़क से नहीं गुजर रहा था।
आसमान में छाया धुंए का गुबार
फैक्टरी में बॉयलर के फटते ही आसमान गैस के जरिए धुएं का गुबार तेजी से फैल गया। धुएं का गुबार इस कदर फैला कि कई गांवों तक इस दृश्य लोगों ने देखा। आसमान में सफेद ही सफेद धुआं फैल गया। यह गुबार कई घंटे तक बना रहा।
ड्रायर फटने की आवाज इतनी तेज थी कि 5 किलोमीटर के रेडियस में आवास की गूंज सुनाई दी। धमाके की आवाज को सुनते ही ग्रामीण फैक्टरी की ओर दौड़ पडे़।धमाके की आवाज से नजदीक की फैक्टि्रयों की दीवालों में चटकन के साथ साथ कांच टूट गए। हर ओर इस धमाके की चर्चाएं ही दिखाईं दी।
मैं मुरब्बा फैक्ट्री में काम कर रही थी। तभी अचानक पास वाली फैक्ट्री में बॉयलर फट गया। धमाका इतना तेज था कि धातु की चादर मेरे सिर पर आकर लगी। मेरे सिर और कंधे में चोट लग गई। मैं चोट लगने से बेहोश हो गई। इस घटना में दो अन्य महिलाओं के भी चोट आई हैं। ये महिलाएं सीधामई व रति के नगला की निवासी हैं। -हाजरा, नगला कांच।
एक्सेल फॉस्फेट नाम से एक कंपनी फैक्ट्री चल रही है। यह फैक्ट्री पेस्टीसाइड बनाती है। इसके बॉयलर में विस्फोट हो गया, जिससे पड़ोस की फैक्टरी में काम कर रही महिला मजदूर के हाथ में चोट आ गई। दूसरी महिला बेहोश हो गई थी। विस्फोट बड़ा था। विस्फोट से उसके कुछ हिस्से आस पास फैल गए। इससे पड़ौस की फैक्ट्री में काम करने वाली महिला घायल हो गई। बड़ी हानि होने से बच गई। सहायक निदेशक कारखाना मामले की जांच के लिए आएंगे। लाइसेंस आदि की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। -कुंवर बहादुर सिंह, एसडीएम सिकंदाराराऊ।
उक्त फैक्टरी को उत्पादन करने के लिए लाइसेंस जारी किया गया है। अभी फैक्टरी में उत्पादन शुरु नहीं हुआ है, सिर्फ मशीनों की टेस्टिंग की जा रही है। टेस्टिंग के समय एक ड्रायर में एक रसायन को सूखा रहे थे, जिसमें गैस बनने की वजह ड्रायर का ढक्कन निकलकर बाहर चला गया।बराबर की जीएम फूड्स फैक्टरी दो महिलाओं के पास जाकर चादर गिरी, जिससे उनके हल्की चोटें आई हैं। इसकी जांच कराई जा रही है। -राजेश कुमार, जिला कृषि रक्षा अधिकारी।