सिविल जज कनिष्ठ प्रभाग/एफटीसी नरेश कुमार दिवाकर के न्यायालय ने दहेज उत्पीड़न के एक मामले में चार लोगों को दोषी करार देते हुए एक-एक साल कैद की सजा सुनाई है। पांच सौ रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास अभियुक्तों को भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक सिकंदराराऊ के गांव नहरपुर निवासी गिरेंद्र सिंह ने अपनी पुत्री पिंकी की शादी हिंदू रीति-रिवाज से वाचाराम पुत्र लटूरी सिंह निवासी गांव तिपेड़ा थाना रजपुरा जिला बदायूं के साथ जुलाई 2005 में की थी। शादी में करीब पांच लाख रुपया खर्च किया गया था।
आरोप है कि शादी के करीब छह माह बाद ही ससुरालियों ने बाइक और 50 हजार की मांग को लेकर विवाहिता का उत्पीड़न शुरू कर दिया। 27 जनवरी 2009 की शाम को वाचाराम, लटूरी सिंह, देवा उर्फ देवी सिंह, सुधा निवासीगण तिपेड़ा अपने रिश्तेदारों के सहयोग से पिंकी को बुरी तरह मारपीट कर बोलेरो गाड़ी से लाए और गांव के पास धक्का देकर छोड़ गए।
धमकी दी कि बिना बाइक और रुपयों के लौटी तो जान से मार दी जाएगी। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद वाचाराम, देवा उर्फ देवी सिंह, लटूरी एवं उनके रिश्तेदार केशव को मामले में दोषी करार दिया और सजा का फैसला सुनाया।