सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव भुर्रका में 16 मई की दोपहर रास्ते के विवाद की जांच करने पहुंचे एसडीएम के सामने ही दो पक्ष भिड़ गए और इनके बीच कहासुनी व नोकझोंक होने लगी। इस दौरान एक किसान ओमवीर सिंह (60) को दिल का दौरा पड़ गया। 17 मई को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक के पुत्र यशवीर सिंह ने सिकंदराराऊ कोतवाली में गांव के ही कोमल सिंह पुत्र नवाब सिंह, उसके पुत्र जितेंद्र सिंह, रजनीश, उसके पिता रामप्रकाश, रामप्रकाश के भाई विनोद कुमार और एक अन्य के खिलाफ जमीन पर कब्जा और बलवा करने की कोशिश करने, जान से मारने की धमकी देने आदि की धाराओं में मामला दर्ज कराया है।
ओमवीर सिंह ने गांव के ही एक व्यक्ति से जमीन खरीदी थी। कुछ समय से गांव के लोग इस जमीन से रास्ता निकालना चाह रहे थे। इसे लेकर कई बार विवाद भी हुआ था। इस मामले में एसडीएम से शिकायत भी की गई, जिसकी जांच करने 16 मई को एसडीएम गांव में पहुंचे। इस दौरान उन्होंने चकबंदी के लेखपाल को भी मौके पर बुलाया, लेकिन वह नहीं पहुंचे। हल्का लेखपाल ने अभिलेख देखकर बताया कि यहां कोई रास्ता नहीं है।
इस बात पर किसानों में आपस में कहासुनी होने लगी। इस दौरान ओमवीर सिंह को सीने में तेज दर्द उठा और उनकी तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां उन्हें दिल का दौरा पड़ने की बात सामने आई। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। अलीगढ़ से उन्हें रात में ही आगरा रेफर कर दिया गया। आगरा में 17 मई की सुबह उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। एसडीएम धर्मेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि वह मामले की जांच के लिए गांव में गए थे, लेकिन चकबंदी विभाग के लेखपाल के न आने से जांच नहीं हो पाई। हल्का लेखपाल ने बताया कि रास्ता रिकॉर्ड में नहीं है। इसके बाद वह वापस चले आए थे।