फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सपा नेता ने लगाई डॉक्टरों को फटकार

Sat, 12 May 2012 12:00 PM IST
Hathras
विज्ञापन
विज्ञापन
सादाबाद। क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में पिछले डेढ़ माह से लगातार बीमारी के चलते हो रही मवेशियों की मौत की जानकारी होने पर सपा के राष्ट्रीय महासचिव रामजीलाल सुमन क्षेत्र के गांव नौपुरा पहुंचे। ग्राम प्रधान सहित ग्रामीणों से मवेशियों की बीमारी और मौत के बारे में जानकारी की। मौके पर मौजूद पशु चिकित्सक को सपा नेता ने कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में अब तक सैकड़ों मवेशी मर चुके हैं और जब आप लोगों के वश में इनका उपचार नहीं था तो आपने डीएम के माध्यम से शासन को क्यों नहीं लिखा। इस मौके पर मौजूद एसडीएम से भी सुमन ने कहा कि वह डीएम से बात करें कि गरीब पशुपालकों को वह मुआवजा देने की व्यवस्था बनाएं। क्योंकि दर्जनों पशुपालक ऐसे हैं, जिनका घर मवेशियों का दूध बेचकर चलता था और उनके घरों में मवेशियों के खूंटे खाली हो गए।
विज्ञापन

इस मौके पर ग्राम प्रधान हरभजन सिंह ने बताया कि डाक्टरों की टीम यहां पर कई बार आई, लेकिन वैक्सीनेशन करने के अलावा सभी बाजार की दवाएं लिखकर दीं। पशुपालकों द्वारा महंगी दवाएं बाजार से लेकर मवेशियों का इलाज कराया, लेकिन एक भी मवेशी दवाओं से ठीक नहीं हो सका। गांव में अब तक डेढ़ सौ से अधिक मवेशियों की मौत हो चुकी है। दर्जन भर मवेशी अभी बीमार हैं। ग्रामीण ओमप्रकाश ने बताया कि मवेशियों की मौत के बाद गांव के कई परिवार जो कि कर्ज लेकर मवेशी पालकर अपना गुजारा चलाते थे, अब उनके सामने परिवार की गुजर बसर करने का सहारा भी खत्म हो चुका है। वहीं पूर्व प्रधान रामवीर सिंह ने कहा कि ऐसा पहले कभी नहीं हुआ है कि इतनी बड़ी तादाद में मवेशी मरे हों। इस बार मवेशियों की मौत ने गांव वालों को हिलाकर रख दिया है।
सपा नेता ने सीवीओ हाथरस से फोन पर बात की और कहा कि किसी भी हालत में मवेशियों का उपचार होना चाहिए और वह जिन गांवों में बीमारी फैली है उन गांवों में नियमित रूप से टीम भेजकर बीमार मवेशियों का उपचार कराएं। सुमन ने पशु चिकित्सक डॉक्टर यश चौधरी से पूछा कि आखिर पशुओं में क्या बीमारी है। तो उन्हाेंने बताया कि यह बीमारी मवेशियों में फैंफड़े में इंफेक्शन हो जाने के कारण फ्लैरोनिमोनिया की है। वह गांव-गांव जाकर वैक्सीन भी लगा चुके हैं, नील थोथा, सुहागा आदि से भी मवेशियों का उपचार कर चुके हैं। वहीं पशु चिकित्सक ने बताया कि मथुरा के वेटनरी हॉस्पीटल से पिछले दिनों पशुओं की बीमारी की जांच करने टीम आई थी, लेकिन ग्रामीणों ने टीम से अभद्रता की और उन्हें भगा दिया। सुमन ने पशु चिकित्सक से कहा कि लाखों रुपये कीमत के सैकड़ों मवेशी मर चुके हैं। ऐसे इलाज से क्या फायदा जिससे मवेशियों को बचाया न जा सके, क्योंकि आप लोगों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। यदि यह तुम्हारे वश में नहीं था तो डीएम के माध्यम से शासन को रिपोर्ट क्यों नहीं भेजी। इस मौके पर एसडीएम रामसिंह गौतम से कहा कि वह डीएम से बात करके एक बैठक बुलाएं, जिसमें बीमारी फैलने वाले प्रत्येक गांव के 2-2 व्यक्तियों को भी बुलाया जाए। मीटिंग में वह भी स्वयं भाग लेंगे। इस मौके पर पूर्व सपा जिलाध्यक्ष चौधरी भाजुद्दीन, हाफिज शफीक अहमद आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें