हाथरस। नियमों से बेफिक्र रोडवेज बसों के चालक-परिचालक मनमानी पर उतारू हो गए हैं। मंगलवार को हाथरस डिपो के एक परिचालक ने रौब गांठते हुए अलीगढ़ से हाथरस आ रहे दो दर्जन से अधिक यात्रियों को बस स्टैंड से चार किमी पहले अलीगढ़ रोड पर बाईपास के निकट ही उतार दिया। इस दौरान यात्रियों और परिचालक के बीच खूब नोक-झोंक हुई, जिससे वहां हंगामा खड़ा हो गया। यात्रियों ने इसकी शिकायत एआरएम से कर दी।
अलीगढ़ रोड पर नगला उम्मेद से निकलने वाला बाईपास मार्ग हालांकि अभी औपचारिक रुप से चालू नहीं हो सका है, लेकिन इस पर अनौपचारिक रुप से वाहनों का दौड़ना शुरू हो गया है। हालात ये हैं कि बाईपास से बसों को निकालने के चक्कर में रोडवेज बसों के चालक-परिचालक अलीगढ़ से बसों में सिर्फ सादाबाद और आगरा के यात्रियों को सफर करा रहे हैं। हाथरस के यात्रियों को मजबूरन डग्गेमार वाहनों में सफर तय करना पड़ रहा है। मंगलवार को जब कुछ यात्री हाथरस डिपो की बस संख्या यूपी 81- 1781 से अलीगढ़ से हाथरस आ रहे थे तो इस दौरान बस हाथरस में पहुंचने पर परिचालक ने हाथरस की दो दर्जन से अधिक सवारियों को हाथरस बस स्टेशन से करीब चार किमी पहले नगला उम्मेद के निकट बाइपास मार्ग मोड़ पर उतार दिया। इसे लेकर यात्रियों और परिचालक के बीच काफी नोक-झोंक हुई। यात्री हंगामा करने लगे, लेकिन चालक-परिचालक यात्रियों को उतार कर बस को बाईपास होते हुए भगा ले गए। बस में सवार बागला कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. राजेश कुमार ने इसकी शिकायत एआरएम चक्कर से भी की, लेकिन शिकायत को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। इसके अलावा डॉ. उदयप्रताप, लोकेंद्र वशिष्ठ, पंकज सिंह, राजकुमार आदि यात्रियों ने बताया कि जब परिचालक बस स्टैंड तक का किराया वसूल रहे हैं तो चार किमी पहले ही क्यों उतारा जा रहा है। एआरमए चक्कर का कहना है कि शिकायत उन्हें मिली थी। उन्होंने बस परिचालक को फटकार लगा दी है और भविष्य में ऐसा न करने की चेतावनी दी है।