हाथरस। ईद उल जुहा का त्योहार बुधवार को खुलूस और अकीदत के माहौल में मनाया गया। मुरसान गेट स्थित ईदगाह पर हजारों अकीकतमंदों ने कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच नमाज अदा कर मुल्क और कौम की तरक्की की दुआएं मांगी। खुदा के सजदे में झुके हजारों सिर जैसे ही एक साथ आसमान की ओर उठे तो पूरा माहौल अल्लाह-ओ-अकबर की आवाजों से गूंज उठा।
बुधवार की सुबह ईदगाह पर अकीकतमंदों का पहुंचना शुरू हो गया था। पूरा ईदगाह परिसर नमाजियों से खचाखच भरा था, जिसे जहां जगह मिली, वहीं चादर बिछाकर बैठ गया। ईदगाह पर नमाजियों की कतारें लग गईं। कुरान की आयतों से तकरीरें पेश करते हुए शहर मुफ्ती मोहम्मद इमरान काशिमी ने अकीकतमंदों को कुर्बानी की अहमियत समझाई। उन्होंने कहा कि कुर्बानी का मतलब केवल बकरा हलाल करने से नहीं, बल्कि बुराइयों की कुर्बानी से है। किसी बीमार, परेशान और गरीबों की मदद करना और किसी की जान बचाना भी कुर्बानी से कम नहीं है। अपनी बेहतरी और तरक्की का रास्ता कौम को खुद चुनना होगा। शहर के अन्य कई मस्जिदों पर भी नमाज अदा कराई गई। यहां भी मुस्लिम समाज के सैकड़ो लोगों ने अपनी सहभागिता की। लोगों ने एक-दूसरे से गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी।