संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
कोरोना महामारी में लॉकडाउन के बीच मनरेगा कार्य को मिली छूट अब जिले में आने वाले प्रवासी मजदूरों के वरदान साबित हो रही है। अन्य प्रांतों व जिलों से बेरोजगार हुए लोगों को उनके गांव वापसी पर मनरेगा के माध्यम से रोजगार मुहैया कराया जा रहा है। 21 अप्रैल को मिली छूट के बाद से यहां जिले में 26,779 लोगों को मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं 8909 प्रवासी मजदूरों को नए जॉबकार्ड बनाकर रोजगार दिया गया है।
नए वित्तीय वर्ष में कोरोना महामारी के कारण लगे लॉकडाउन ने मनरेगा के कार्यों की रफ्तार का थाम दिया था। अब 21 अप्रैल को फिर से मिली छूट में मनरेगा के कार्यों को कराने की अनुमति दी गई। इसके जरिये शासन ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में आने वाले प्रवासी मजदूरों को तत्काल कार्य उपलब्ध कराया जाए। इसे लेकर यहां पीडी एके मिश्र ने कार्य योजना को मूर्त रूप देना शुरू कर दिया। सभी 12 लाइन डिपार्टमेंट के अधिकारियों के साथ बैठक की और मनरेगा से होने वाले कामों के एस्टीमेट मांगे, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को मनरेगा के तहत कार्य उपलब्ध कराया जा सके। लॉकडाउन अवधि में मिली छूट के बाद अन्य प्रांतों से आने वाले प्रवासी मजदूरों में से 8,909 प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिया जा रहा है। अब तक 26,779 लोगों को मनरेगा के तहत काम पर लगाया गया है।
कंट्रोल रूम के जरिये प्रवासियों को दिया जा रहा रोजगार
हाथरस। प्रवासी मजदूरों के लिए शासन के निर्देश पर मनरेगा सेल में कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया गया है। ब्लॉक पर भी बने कंट्रोल रूम पर प्रवासी मजदूरों द्वारा रोजगार दिए जाने के बारे में जानकारी दी जा रही है। इस कंट्रोल रूम के नंबर को ग्राम पंचायतों में प्रचार प्रसार करा दिया गया है। प्रवासी मजदूर गांव में पहुंचते ही इस कंट्रोल पर अपने आने व नए जॉबकार्ड बनवाने की सूचना दे रहे हैं। इसके बाद 2-3 दिन के अंदर नया जॉबकार्ड जारी कर रोजगार मुहैया कराया जा रहा है।
वर्तमान में मनरेगा के संचालन की स्थिति
मानव दिवस सृजित
हसायन 30186
हाथरस 33385
मुरसान 32674
सादाबाद 38983
सासनी 39431
सिकंदराराऊ 32081
सहपऊ 16549
कुल 223289
- 433 ग्राम पंचायत में मनरेगा के कार्य प्रगति पर है
- 26779 मजदूर लगे हैं।
- 598 काम चल रहे हैं।
- 2947 मस्टरोल आज जारी है।
जिले में आने वाले हर प्रवासी मजदूर को मनरेगा के तहत कार्य दिए जाने का लक्ष्य है। जो भी प्रवासी मजदूर गांव में आने पर काम की डिमांड कर रहा है। उसे काम दिया जा रहा है। भुगतान भी तेजी से कराया जा रहा है।
-एके मिश्र, पीडी मनरेगा