डेस्क न्यूज, अमर उजाला, अलीगढ़।
कल्पनाओं के संसार को भवंतपुर निवासी दिव्यांग ने हकीकत में बदल दिया। उन्होंने शिक्षा से अपने जीवन में उजाला किया और फिर साथ रहने वाली दिव्यांग नेहा मित्तल के साथ सात जनम तक साथ निभाने की कसम ली।
विकास खंड मुरसान के नगला बनारसी के प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर तैनात दिव्यांग सुग्रीव सिंह चौधरी व प्राइमरी स्कूल हतीसा नंबर एक में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात नेहा मित्तल ने शिक्षा को अपनी जिंदगी से ज्यादा प्यार किया। इसी का परिणाम है कि आज वे दोनों आखर का उजियारा फैला रहे हैं।
एएमयू से की पढ़ाई:
सुग्रीव सिंह व नेहा मित्तल ने एएमयू अलीगढ़ से शिक्षा ग्रहण की। सुग्रीव ने एमए अंग्रेजी, बीएड और फिर बीटीसी की पढ़ाई की। जबकि नेहा मित्तल ने संस्कृत से एमए, बीएड और फिर बीटीसी की पढ़ाई की। संस्कृत में उन्हें गोल्ड मेडल भी मिला, जोकि दीक्षांत समारोह के दौरान पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम द्वारा दिया गया।
ऐसे हुआ दो दिलों का मिलन
सुग्रीव ने बताया कि वे राष्ट्रीय दृष्टिहीन संघ के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात नेहा मित्तल से हुई। काफी दिनों तक मिलते मिलाते दोनों के दिल मिल गए और फिर एक दिन नेहा की मां के सामने सुग्रीव ने अपनी शादी का प्रस्ताव रखा। जिस पर उनके परिजन मान गए और दो दिल एक हो गए।