न्यूज डेस्क, अमर उजाला हाथरस।
संस्कृति मंत्रालय उत्तर-प्रदेश शासन के आमंत्रण पर प्रयागराज कुम्भ मेले में भारद्वाज सांस्कृतिक मंच पर शहर की प. नथाराम लोक साहित्य शोध-संस्थान पवित्र कुंभ के पौराणिक महत्व पर आधारित नौटंकी अमृत कलश का मंचन किया। कुंभ के पौराणिक महत्व पर प्रकाश डाला गया।
माता-पिता की सेवा करने पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मेला संयोजक अजय कुमार अग्रवाल व अन्य अधिकारियों ने पंडित नथाराम गौड़ की छवि चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित और मालार्पण कर किया।
इस अवसर पर संस्कृति निदेशालय उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधि सैक्शन ऑफिसर आशुतोष शर्मा ने संगीताचार्य डॉ. खेमचन्द यदुवँशी द्वारा रचित व निर्देशित नौटंकी- अमृत कलश के मंचन की भूरि भूरि प्रशंसा की। उन्होंने सभी से अपने माता-पिता को प्रयागराज कुंभ में लाकर तीर्थ कराने की अपील की। कलाकारों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में पंडित नथाराम गौड़ के प्रपौत्र राहुल गौड़, डॉ. मुकेश वर्मा, डॉ. राकेश अग्रवाल, ऋतुराज यदुवँशी, प्रद्युम्न यदुवँशी, ललिता यदुवँशी, कन्हैया लाल सिसौदिया, चंद्रपाल सिंह, नंद किशोर निराला, हरिमोहन पाठक, जंगलिया सिंह, कृति जोशी, डॉ. निम्मी गुप्ता, रेखा उपाध्याय, राधा शर्मा, कृष्ण गोपाल शर्मा, जगदीश प्रसाद, बाँके बिहारी शर्मा, जैश कुमार चौहान, मास्टर हीरा लाल, उस्ताद बबलू सिंह,नितिन कुमार राज कुमार अग्रवाल, पी.के.श्रीवास्तव प्रमुख थे। संचालन मेला अधिकारी विनय कुमार ने किया।