खुले में शौच मुक्त गांवों के लिए 86 प्रधानों को दिया मंत्र
सब हेड -
दूसरे चरण में चुनी गईं ग्राम पंचायतें खुले में शौचमुक्त होने के करीब
क्रासर -
37 ग्राम पंचायतें पहले चरण में की जा चुकी हैं ओडीएफ घोषित
अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस।
दूसरे चरण में 86 और ग्राम पंचायतों को खुले में शौचमुक्त घोषित करने के लिए प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। राखी की लाज प्रतियोगिता के मौके पर डीएम ने इन सभी ग्राम पंचायतों के प्रधानों को इस कुप्रथा के खात्मे का मंत्र दिया और उम्मीद जताई कि इस महीने के आखिर तक वह अपनी ग्राम पंचायतों को खुले में शौचमुक्त घोषित कराने में सफल हो जाएंगे।
ग्राम प्रधान अपने गांवों को खुले में शौचमुक्त बनाने के लिए सक्रिय हो गए हैं। पहले चरण में जिले की 37 ग्राम पंचायतों का खुले में शौचमुक्त घोषित होना इसी जागरूकता का प्रमाण है। अब दूसरे चरण में जिन 86 ग्राम पंचायतों का चयन इस उपलब्धि के लिए किया गया है, वह भी ओडीएफ घोषित होने के कगार पर पहुंच चुकी हैं।
उम्मीद की जा रही है इस महीने के आखिर तक इन ग्राम पंचायतों को भी खुले में शौचमुक्त का तमगा मिल जाएगा। अच्छी बात तो यह है कि इस जागरूकता के कारण लोग अब शौचालय बनवाने के लिए सरकारी मदद की ही आस नहीं कर रहे, बल्कि अपने संसाधनों से भी शौचालय बनवाने में पूरी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इससे भी बड़ी उपलब्धि यह रही कि जिले में 47 भाइयों ने डीएम द्वारा शुरू की गई राखी की लाज प्रतियोगिता में शामिल होकर अपनी सगी या मुंहबोली बहनों को रक्षाबंधन के तोहफे में निजी संसाधनों से शौचालय बनवाकर दिया। अगर यह पहल इसी तरह आगे बढ़ती रही तो वह दिन दूर नहीं, जब खुले में शौच की कुप्रथा का इस जिले से खात्मा हो जाएगा।
---------