नवसाक्षरता मिशन परीक्षा देते निरक्षर लोग। संवाद
नवभारत साक्षरता मिशन (उल्लास) के तहत रविवार को जिले भर में बुनियादी साक्षरता का मूल्यांकन टेस्ट आयोजित किया गया। इस परीक्षा में कुल 5,222 शिक्षार्थियों ने भाग लिया, जिनमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल थे। परीक्षा देकर बाहर निकली महिलाओं के चेहरों पर आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास की चमक साफ दिखाई दी।
यह मूल्यांकन टेस्ट जिले के 9 ब्लॉक और नगर पंचायतों में आयोजित किया गया था। उल्लास अभियान का मुख्य उद्देश्य निरक्षर महिलाओं व पुरुषों को बुनियादी साक्षरता से जोड़ना है। इसमें अंक ज्ञान और दैनिक जीवन से जुड़े आवश्यक जीवन कौशल भी सिखाए जाते हैं। शिक्षार्थी महिलाओं ने बताया कि अब वे अपने बच्चों की पढ़ाई में मदद कर सकेंगी। वे रोजमर्रा के हिसाब-किताब और बैंकिंग लेनदेन भी खुद संभाल पाएंगी। अन्य जरूरी दस्तावेजी काम भी बिना किसी सहायता के कर सकेंगी। इस अभियान ने पढ़ाई-लिखाई की कोई उम्र नहीं होती के संदेश को साकार किया।
महिलाओं की भागीदारी
जनपद में आयोजित इस बुनियादी साक्षरता और अंक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा में महिलाओं की भागीदारी पुरुषों की तुलना में काफी अधिक रही। कुल 5,222 शिक्षार्थियों में से 3,566 महिलाएं शामिल थीं। यह आंकड़ा पुरुषों की संख्या 1,656 से लगभग दोगुना है। यह दर्शाता है कि महिलाएं साक्षरता के प्रति अधिक जागरूक हैं।