न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सहपऊ क्षेत्र के एक महाविद्यालय द्वारा फर्जीवाड़ा कर मोटी रकम की छात्रवृत्ति हड़पने की कोशिश के मामले के उजागर होते ही महाविद्यालय संचालक द्वारा अब अपने बचाव में पैतरेबाजी शुरू कर दी गई है। यहां महाविद्यालय संचालक ने थाना कोतवाली सहपऊ में अपने डिजिटल हस्ताक्षर की डिवाइस, मुहर, दस्तावेजों आदि के खो जाने का प्रार्थना पत्र दिया है। हालांकि पुलिस ने मामले की प्रथम दृष्टया जांच कर इस शिकायत को संदेह के घेरे में ले लिया है। पुलिस के अनुसार डिवाइस चोरी होने का मामला झूठा प्रतीत हो रहा है।
उल्लेखनीय है कि सहपऊ क्षेत्र के एक महाविद्यालय ने 278 छात्रवृत्ति के आवेदनों को सत्यापित कर समाज कल्याण विभाग को भेजे थे, लेकिन विभाग के द्वारा इन्हें संदिग्ध मानते हुए रोक लिया गया था। समाज कल्याण विभाग ने इस डाटा को संदिग्ध पाए जाने पर इसकी गहनता जांच की तो सामने आया कि 278 आवेदनों में 178 आवेदन एनआईओएस और 100 आवेदन अन्य स्टेट बोर्ड के हैं। इस आधार पर समाज कल्याण विभाग ने पूरे मामले से उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। समाज कल्याण अधिकारी अवधेश सिंह यादव ने बताया कि अब महाविद्यालय संचालक द्वारा अपने बचाव में एक दस्तावेज हमें दिया गया है।
इस दस्तावेज की जांच कराई जाएगी। वहीं कोतवाली सहपऊ के एसएसआई चंद्रपाल सिंह ने बताया कि महाविद्यालय संचालक द्वारा एक प्रार्थना पत्र दिया गया था, जिसमें डिजिटल हस्ताक्षर की डिवाइस, कॉलेज की मुहर व अन्य दस्तावेजों के खोने की शिकायत की थी। इस मामले की जांच की गई तो मामला संदेह में आया है। शिकायती पत्र प्रथम दृष्टया जांच में झूठा प्रतीत हो रहा है।