न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
केंद्र की भाजपा सरकार द्वारा प्रस्तुत किए गए बजट में किसानों के हित को स्थाई रूप से सुरक्षित करने के लिए वार्षिक 6000 का आदान अनुदान दिया है, यह सराहनीय कदम है। बजट में किसानो को डीबीटी, हैल्थ कार्ड, फसल बीमा प्रीमियम कम करना तथा कम ब्याज पर कृषि ऋण दिलाने जैसे कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। निश्चित रूप से इसका लाभ देश के अन्नदाताओं को मिलेगा। आगामी समय में प्रस्तुत होने वाले सीएम के बजट में भी किसानों की बल्ले बल्ले होगी।
यह बातें उप्र सरकार के कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य ऋषि कुमार जैसवाल ने शुक्रवार को किसान चौपाल में किसानों को बजट की जानकारी देते हुए बताईं। उन्होने बताया कि पिछली सरकारो ने घोटाले पर काम किया। इससे किसानो को काफी नुकसान हुआ था। इस सरकार ने पिछली सरकारो के सापेक्ष पाचं गुना खरीद कर किसानो को सीधे लाभान्वित किया है, जबकि पिछली सरकार मे किसानों के लाभ को स्थानीय कर्मचारी ही हजम कर जाते थे, लेकिन देश की वर्तमान सरकार में किसानो के खाते मे सीधा अनुदान दिया जा रहा है। विभिन्न कृषक सगंठनों की मांग पर राज्य सरकार से अपने बजट मे आदान धनराशि व एमएसपी.बढाने तथा आलू भंडारण किराया कम करने, किसान वृद्घा पेशन देने की घोषणा की है।
सरकार की वृहद योजना सायल हैल्थ कार्ड के अनुसार अगर किसान भाई अपने स्वयं सायल हेल्थ कार्ड के मुताबिक फसलों का चयन कर वैज्ञानिक तकनीकी का प्रयोग कर उत्पादन व जैविक प्रयोग करता है तो निश्चित लागत कम आएगी। उन्होने बताया कि सरकार ने निश्चित ही किसान ,मजदूर और गरीबो के हित मे स्थाई प्रत्यक्ष लाभ की व्यवस्था बजट में की है। टैक्स छूट सीमा पांच लाख तक किया जाना मध्यम वर्ग के विकास के लिए मील का पत्थर सावित होगी। उन्होने बताया कि विभिन्न कृषक संगठनो की मांगों को राज्य के बजट मे प्रस्ताव के लिए मुख्यमंत्री के समक्ष चार फरवरी को रखा जाएगा।