अब, तय वक्त में करना होगा बिजली समस्याओं का समाधान
अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
विद्युत उपभोक्ताओं को प्रदान की जाने वाली सेवाओं को उत्कृष्ट बनाए जाने और उनमेें पारदर्शिता लाए जाने के अलावा सेवाओं में समयबद्धता लागू किए जाने के उद्देश्य से महकमे ने सिटीजन चार्टर को लागू करने की कवायद शुरू कर दी है। सिटीजन चार्टर के तहत बिजली महकमे के अफसरों को तय वक्त में ही बिजली समस्याओं का समाधान करना होगा।
सिटीजन चार्टर के अनुसार विद्युत वितरण तंत्र उपलब्ध होने या अतिभारित न होने की स्थिति में नए विद्युत संयोजन, विद्युत भार बढ़ाने और विद्युत भार घटाने के कार्य के लिए शहरी क्षेत्र के लिए सात कार्य दिवस और ग्रामीण क्षेत्र के लिए 10 कार्य दिवस का वक्त तय किया गया है। इसके अलावा त्रुटि पूर्ण बिल, बिल जुड़कर आने एवं मीटर क्षतिग्रस्त एवं त्रुटिपूर्ण होने की स्थिति आदि की समस्याओं का समाधान करने के लिए ग्रामीण व शहरी क्षेत्र के लिए सात दिन का वक्त तय किया गया है।
स्थानीय विद्युत विच्छेदन का बिल निर्गत करने के लिए छह दिन और विद्युत आपूर्ति में बाधा (सामान्य) को दूर करने के लिए शहरी क्षेत्र में छह घंटे व ग्रामीण क्षेत्र में 24 घंटे का समय दिया है। वॉल्टेज (स्थानीय समस्या यदि ब्रेक डाउन से है) की समस्या शहर में 48 घंटे व ग्रामीण क्षेत्र में 72 घंटे में दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्युत सुरक्षा अनुमति (क्लीयरेंस) के लिए 10 दिन का वक्त मुकर्रर किया गया है। उप्र पावर कारपोरेशन लि. लखनऊ के अनुसचिव (विनिमय) राजेश कुमार भटनागर ने द्वारा जारी किए गए इन निर्देशों में साफ कहा गया है कि विद्युत समस्याओं का निराकरण उक्त समय सीमा के अंतर्गत नहीं किया जाता तो मुख्य अभियंता कार्यालय में ईमेल, दूरभाष, मोबाइल नंबर अथवा एसएमएस के जरिए भी शिकायत की जा सकती है। टोल फ्री नंबर 1912 पर भी शिकायत की जा सकती है।
मुख्य अभियंता कार्यालय द्वारा ससमय कारण सहित शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा, इसकी मासिक समीक्षा भी की जाएगी। अकारण रोकी गई शिकायतों पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ डिस्काम स्तर पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। विद्युत वितरण न होने अथवा अतिभारित होने के कारण उपरोक्त समस्याओं के निराकरण में सिटीजन चार्टर की समयसीमा के स्थान पर विद्युत प्रदाय संहिता 2005 की समयसीमा मान्य होगी।