माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा को मानक के अनुरूप कराने के लिए जिला परीक्षा समिति ने गुरुवार को एक और बड़ा कदम उठाया है।
इसमें पूर्व में डिबार रहे 43 परीक्षा केंद्र एवं इसी सत्र में बनाए गए आठ नए परीक्षा केंद्रों पर एक-एक बाहरी केंद्र व्यवस्थापक तैनात करने का निर्णय लिया गया है, जिससे परीक्षा की शुचिता को कायम रखा जा सके।
हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन कराने के लिए नए निर्देश जारी किए गए हैं। इन निर्देशों के तहत अब पूर्व में डिबार रहे 43 परीक्षा केंद्र, जिनको पांच साल बाद परिषद ने डिबार श्रेणी से बाहर आने के बाद इस सत्र की बोर्ड परीक्षा में परीक्षा केंद्र बनाया हैं, जबकि आठ नए विद्यालयों को इस परीक्षा में सेंटर बनाया गया है।
परिषद के आदेश पर इन सभी 51 परीक्षा केंद्रों पर एक-एक बाहरी केंद्र व्यवस्थापक की तैनाती की गई है, जिससे नकल के कारोबार पर अंकुश लगाया जा सके।
कई पर्यवेक्षक नहीं पहुंचे केंद्रों पर
माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा को नकल विहीन कराने के लिए परिषद के आदेश पर संवदेनशील एवं अतिसंवेदनशील केंद्रों पर पूर्व में आठ पर्यवेक्षकों की तैनाती की थी, लेकिन गुरुवार की परीक्षा के दौरान करीब आधा दर्जन परीक्षा केंद्रों पर यह पर्यवेक्षक पहुंचे ही नहीं। इनके बारे में केंद्र व्यवस्थापकों ने जिला परीक्षा समिति को इसकी जानकारी दी है।
बेसिक शिक्षक नहीं पहुंचे ड्यूटी पर
माध्यमिक शिक्षा की बोर्ड परीक्षा में माध्यमिक शिक्षा परिषद के स्कूलों के शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए जिला परीक्षा समिति ने बीएसए से शिक्षक उपलब्ध कराने की मांग की थी।
बीएसए ने भी इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारियों को डिमांड के अनुसार कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी के लिए शिक्षक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, लेकिन परीक्षा केंद्रों पर अक्सर देखा जा रहा है कि यह शिक्षक कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी के लिए नहीं पहुंच रहे हैं, जिससे केंद्र व्यवस्थापकों को विधिवत रूप से परीक्षा का संचालन करने में कठिनाइयां झेलनी पड़ रही हैं।