हाथरस के जवानों ने ऑपरेशन रक्षक, कारगिल, ऑपरेशन रीनो, इंडो-चाइना वॉर, इंडो-पाक वॉर, ऑपरेशन मेघदूत में अपने प्राणों की आहुति दी है। यह जवान जम्मू-कश्मीर, सिक्किम, भारत-चीन और भारत-पाकिस्तान सीमा पर अलग-अलग समय में हुए युद्धों में शामिल हुए थे।
हाथरस जिले के कई लालों ने विभिन्न सैन्य अभियानों में हिस्सा लेते हुए अपने जीवन का बलिदान दिया है। अब तक कुल 42 जवान मातृ भूमि की रक्षा करते हुए बलिदान हो चुके हैं।
विज्ञापन
इन जवानों ने ऑपरेशन रक्षक, कारगिल, ऑपरेशन रीनो, इंडो-चाइना वॉर, इंडो-पाक वॉर, ऑपरेशन मेघदूत में अपने प्राणों की आहुति दी है। यह जवान जम्मू-कश्मीर, सिक्किम, भारत-चीन और भारत-पाकिस्तान सीमा पर अलग-अलग समय में हुए युद्धों में शामिल हुए थे।
कारगिल युद्ध में हसन अली खान, सत्यवीर सिंह, गजपाल सिंह, ऑपरेशन मेघदूत में फकीर चंद, इंडो-चाइना वॉर में नवी अहमद, ज्वाला सिंह, भारत-पाक वॉर में छोटे सिंह, राजेंद्र प्रसाद शर्मा, निरंजन सिंह, भीष्मपाल सिंह, हंबीर सिंह, श्याम सिंह, विजेंद्र सिंह, कन्हैयालाल, रामशरन सिंह, हरी सिंह, पूरन सिंह सहित जिले के कुल 42 जवानों ने देश की रक्षा के लिए बलिदान दिया है।