कर्मचारियों ने बताया कि आठ आउटसोर्स कर्मचारी नगर पंचायत में कोर्ट के आदेश के खिलाफ रख लिए गए है। उन्हें चेयरमैन का कार्यकाल समाप्त होने के बाद रखा गया है। इनका त्रिसदस्यीय समिति से कोई अनुमोदन नहीं लिया गया है। उनको भी दो माह का वेतन नहीं मिला है। नियम के मुताबिक जो कर्मचारी चेयरमैन के कार्यकाल समाप्त होने से पूर्व तैनात रहे हैं वही कर्मचारी त्रिसदस्यीय समिति के कार्यकाल तक निरंतर कार्य करेंगे। टीसी हरेंद्र सिंह ने बताया कि सभी आठों कर्मचारी पिछले कई सालों से नगर पंचायत में कार्य कर रहे हैं।
हाजिरी रजिस्टर नहीं मिलने से उठ रहे सवाल
पूर्व चेयरमैन विपन वशिष्ठ का कार्यकाल समाप्त होने पर एक करोड़ 30 लाख रुपये का अनियमित भगुतान तत्कालीन ईओ और अन्य कर्मचारियों द्वारा कर दिया था, जिसकी मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव नगर विकास के साथ कमिश्नर एवं डीएम से की गई थी। मामले की जांच अपरजिलाधिकारी न्यायिक कर रहे है। चेयरमैन द्वारा की गई शिकायत में टीसी हरेंद्र सिंह को नगर पंचायत से हटाकर किसी गोशाला में संबद्ध करने की अपील की गई थी। उन पर जांच प्रभावित करने के साथ नगर पंचायत के सरकारी अभिलेखों में हेरफेर करते हुए उनको गायब करने का आरोप लगाया गया है। ऐसे में नगर पंचायत कार्यालय में आउटसोर्स कर्मचारियों के हाजिरी रजिस्टर का न मिलना उनकी शंका की पुष्टि करता है।
जब तक मेरे कार्यकाल रहा तब तक सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को हाजिरी रजिस्टर में उपस्थिति देखकर उनका वेतन आहरित किया जाता था। मेरे कार्यकाल तक आउटसोर्स कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर कार्यालय में उपलब्ध रहा है। - विपन वशिष्ठ, निवर्तमान चेयरमैन सहपऊ
नगर पंचायत में आउटसोर्स कर्मचारियों का हाजिरी रजिस्टर नहीं है। इसके लिए ईओ से बात की जाएगी। - डॉ. बंसत अग्रवाल अपरजिलाधिकारी वित्त/राजस्व, प्रशासक नगर पंचायत सहपऊ
नगर पंचायत सहफ में जितने भी रजिस्टर हैं उनको कार्यालय में मंगाने के निर्देश ईओ को दिए गए हैं। इसके बाद ही आउटसोर्स कर्मचारियोककी उपस्थिति के बारे में पता चलेगा। - विपिन कुमार शिवहरे, एसडीएम सादाबाद