शासन द्वारा प्रतिबंधित ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की बिक्री होने की शिकायत पर बुधवार को औषधि विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने कस्बा बिसावर में एक परचून की दुकान पर छापा मारा। दुकान से टीम ने 38 ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद कर लिए। इन इंजेक्शनों को सीज कर दिया गया। पुलिस ने विक्रेता को भी हिरासत में ले लिया है। थाने में रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई है।
औषधि निरीक्षक पूरनचंद ने बताया कि कस्बा बिसावर निवासी नरेश कुमार पुत्र दाऊदयाल की पैंठ बाजार बिसावर में परचून की दुकान है। इस दुकान से ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की बिक्री होने की शिकायत लखनऊ स्तर पर की गई थी। शिकायत की जांच के लिए उच्चाधिकारियों ने उन्हें निर्देशित किया था। शिकायत की जांच के लिए उन्होंने सीओ सादाबाद मनीषा सिंह, चौकी इंचार्ज बिसावर संजय सिंह और पुलिस बल के साथ दुकान पर छापा मारा। दुकान को चैक करने के दौरान 38 ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बरामद हुए। हालांकि यह इंजेक्शन प्रथम दृष्टया नकली प्रतीत हो रहे थे। इसी आधार पर इंजेक्शनों को सीज कर दिया गया।
दुकानदार नरेश न तो इंजेक्शन का खरीद बिल दिखा सका और न ही दवा बिक्री का लाइसेंस उसके पास था। डीआई ने बताया कि सादाबाद कोतवाली में दुकानदार के खिलाफ बगैर लाइसेंस के दवा रखने, नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बेचने और छल से नकली इंजेक्शन बेचकर धन अर्जित करने पर धारा 419, 420, 275 और ड्रग एक्ट की धारा 18 के तहत एफआईआर दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मौके से दुकानदार को हिरासत में भी ले लिया है।
इंजेक्शन नकली हैं या असली इसकी जांच के लिए इंजेक्शन के नमूने जांच के लिए लखनऊ लैब भेजे जाएंगे। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद की जाएगी।