जिले के गरीबों के लिए रोजगार का प्रमुख केंद्र दिल्ली बनकर सामने आ रहा है। पूर्ति विभाग के पोर्टेबिलिटी सिस्टम से लिए गए खाद्यान्न के आंकड़े यह स्थिति बयां कर रहे हैं। जिले के 3219 परिवार दिल्ली सहित अन्य राज्यों में पहुंचकर सरकारी राशन से अपना पेट भर रहे हैं। यह परिवार दिल्ली व अन्य प्रांतों में मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे हैं।
किसी समय में औद्योगिक क्षेत्र के रूप में विख्यात रहे इस शहर के लिए यह आंकड़े चौंकाने वाले हैं। यहां तक कि पोर्टेबिलिटी सिस्टम के माध्यम से जिले के 25121 कार्डधारक अन्य जिलों में जाकर सरकारी खाद्यान्न ले रहे हैं। हालांकि जिले में अन्य प्रांतों से आने वाले कार्डधारकों की संख्या महज 50 है। इनमें से ज्यादातर कार्डधारक बिहार प्रांत के हैं।
जिले में कुल कार्डधारक - 2.84 लाख
प्रदेश के अन्य जिलों से आकर खाद्यान्न लेने वाले कार्डधारक- 25121
जिले से प्रदेश की विभिन्न जिलों में जाकर खाद्यान्न लेने वाले कार्डधारक - 28105
कुल पोर्टेबिलिटी के माध्यम से खाद्यान्न लेने वाले कार्डधारक53136
अन्य प्रांतों से आकर जिले में खाद्यान्न लेने वाले कार्डधारक 50
हाथरस से दिल्ली व अन्य प्रांतों में खाद्यान्न लेने वाले कार्डधारक 3219
पोर्टेबिलिटी सिस्टम के जरिये कार्डधारक खाद्यान्न प्राप्त कर रहे हैं। सभी लाभार्थियों को बायोमीट्रिक सत्यापन प्रक्रिया के तहत खाद्यान्न दिया जा रहा है। -ध्रुवराज यादव, जिला पूर्ति अधिकारी