न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
मिशन शिक्षा कायाकल्प ग्रेडेड लर्निंग कार्यक्रम की शनिवार को मंडलीय टीम ने हकीकत जानी। टीम के सदस्यों ने बच्चों की शैक्षिक गुणवत्ता की जानकारी लेने के साथ शिक्षकों को उनकी कमियों में सुधार करने के लिए कहा।
प्रथम संस्था के मंडल कोआर्डिनेटर राजेश दूबे, डीआरपी हाथरस अखिलेश कुमार अम्बेश, बीआरपी सदस्य सुधीर वर्मा, वरुण कुमार शर्मा, विवेक यादव सबसे पहले प्राइमरी स्कूल सोखना पहुंचे। यहां पर 18 बच्चों से बात करके शैक्षिक गुणवत्ता को परखा। शिक्षक को पुन: जांच करने के लिए सुझाव दिए गए। प्राइमरी स्कूल मिरगामई में मंडल कोआर्डिनेटर राजेश दूबे ने समूह निर्माण किया और स्वयं कहानी, बारहखड़ी, तोड़ो-जोड़ो, खेल में खोजो मेरे अक्षर की गतिविधि करके दिखाया।
शिक्षकों को बताया गया कि इन गतिविधियों के माध्यम से 10-15 दिन में निश्चित ही बच्चों के लर्निंग लेवल में बदलाव होने लगता है। प्राथमिक विद्यालय नगला अलगर्जी, प्राथमिक विद्यालय कटेलिया, प्राथमिक विद्यालय चंद्रगढ़ी, प्राथमिक विद्यालय चिंतागढ़ी में टीम ने निरीक्षण किया। टीम के सभी सदस्यों ने रीचेक करके शिक्षकों को जानकारी दी और आगे कैसे बच्चों के लर्निंग लेवल में परिवर्तन हो इसके लिए प्रैक्टिस क्लास का अनुभव भी साझा किया।