न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति के गबन के मामले में पूर्व जिला अल्प संख्यक कल्याण अधिकारी की गिरफ्तारी के बाद अब जिले के शिक्षा माफिया भी जल्द कार्रवाई की गिरफ्त में होंगे। जिले के 36857 छात्र-छात्राओं के फर्जी डाटा को फीड कर 24.92 करोड रुपये का गबन किया गया था। बैंक डिटेल के आधार पर अब शिक्षा माफियाओं पर प्रशासन स्तर से भी कार्रवाई हो सकती है।
जिले में शिक्षा विभाग के साथ साथ अन्य विभागों में शिक्षा माफियाओं के जड़े काफी अंदर तक हैं। अब इन जड़ों को जिला प्रशासन की ओर से उखाड़ा जाएगा। पिछले दिनों जिले के पूर्व जिला अल्पसंख्यक अधिकारी बीपी सिंह की शुल्क प्रतिपूर्ति व छात्रवृत्ति घोटाले में गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। इस गबन के मामले को अब जिला प्रशासन भी स्कैन करने में जुट गया है। विगत में अधिकारियों की जांच रिपोर्टों के आधार पर यह भी स्पष्ट हो गया है कि 36857 छात्र-छात्राओं का फर्जी डाटा स्कूल संचालकों की ओर से तैयार किया गया था। इस डाटा को बिना सत्यापित किए शिक्षा माफियाओं की मिलीभगत से 24.92 करोड रुपये का गबन किया। अब स्कूलों के इस डाटा को प्रशासनिक स्तर व ईओडब्ल्यू की ओर से बैंक डिटेल के आधार स्कैन किया जा रहा है, ताकि शिक्षा माफियाओं पर भी शिकंजा कसा जा सके। उक्त गबन की फाइलें डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने तलब की है। इन फाइलों को जिला प्रशासन भी अपने स्तर से स्कैन करने में जुट गया है। सूत्रों की मानें तो जिला प्रशासन ऐसे स्कूलों पर जल्द ही बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।