ब्यूरो, अमर उजाला, हाथरस।
उप्र परिवहन निगम की बसों में हो रहे फर्जीवाड़े की शिकायत अब उप मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री से की गई है। शिकायती पत्र में फर्जीवाड़े को अंजाम दे रहे हाथरस और खुर्जा डिपो में तैनात दो कर्मियों के नाम भी खोले गए हैं। पुलिस महानिरीक्षक आगरा को भी इस फर्जीवाड़े से अवगत कराया गया है।
हाथरस डिपो अलीगढ़ परिक्षेत्र के संविदा परिचालक पंकज लवानिया और अशोक कुमार लवानिया ने शिकायती पत्र में आरोप लगाए हैं कि हाथरस डिपो और खुर्जा डिपो में वर्तमान में तैनात दो कर्मियों द्वारा स्थानीय प्रबंधन और उच्चाधिकारियों से साठगांठ कर व्यापक पैमाने पर रोडवेज बसों में गोरखधंधे को अंजाम दिया जा रहा है। निगम की बसों में फर्जी चालक, परिचालक रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है। यात्रियों को फर्जी टिकट दी जाती है।
अलीगढ़ परिक्षेत्र के अंतर्गत हाथरस डिपो, अलीगढ़ डिपो, बुद्ध बिहार डिपो एवं आगरा परिक्षेत्र क्षेत्र के अंतर्गत फाउंड्री नगर डिपो एवं मथुरा डिपो से प्रतिदिन दो दर्जन बसें आगरा अलीगढ़ एवं मथुरा अलीगढ़ मार्ग पर फर्जी रूप से दौड़ रही हैं। इस गिरोह में लगभग 100 से अधिक लोग फर्जी रूप से निगम के कर्मचारी बनकर सक्रिय हैं।
शिकायती पत्र के साथ डिपो की कुछ बसों की सूची भी संलग्न की गई है। दावा किया गया है कि यदि इन बसों के गत छह माह तक के मार्ग पत्रों की जांच करा ली जाए तो बिना टिकट यात्रियों के किराए की धनराशि की लूट के भ्रष्टाचार का खुलासा स्वत: ही हो जाएगा।
इस तरह से भी चल रहा फर्जीवाड़े का खेल
शिकायती पत्र में उदाहरण देकर बताया गया है कि एक बस आगरा टू अलीगढ़ के आने जाने के दो चक्कर पूरे करती है। जिसमें सुबह जल्दी आने व जाने के एक चक्कर के मार्गपत्र में अधिक से अधिक 15 यात्री ही दर्शाए जाते हैं, जबकि उक्त वाहनों में 65 से 70 तक यात्री सदैव यात्रारत रहते हैं।
इस प्रकार लगभग 50 यात्रियों के किराए की धनराशि की खुलेआम डकैती डाली जाती है। एक चक्कर में बस में यात्रारत सभी यात्रियों की अधिकांशत: सही टिकट बनाए जाते हैं, जिससे कि दोनों चक्करों की आय जोड़कर प्रतिदिन के निर्धारित किमी के हिसाब से आय का प्रतिशत लगभग पूरा दर्शा दिया जाता है।
शिकायतकर्ताओं ने दर्ज कराए बयान
हाथरस। गत दिनों हाथरस डिपो की बसों मेें फर्जी टिकट दिए जाने की शिकायत करने वाले यात्रियों ने मंगलवार को हाथरस डिपो के दफ्तर में एआरएम को अपने लिखित बयान दर्ज कराए। बयान दर्ज हो जाने के बाद अब इस फर्जीवाड़े की जांच में तेजी आ सकेगी। बयान के दौरान शिकायत कर्ताओं ने एआरएम को फर्जी टिकट भी उपलब्ध कराईं।