न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। प्रदेश सरकार ने हरियाली का अलख जगाने के लिए 2018-19 के तहत पौधरोपण कराया। पराग डेरी व बिलखौरा में प्रशासन ने पशुओं बंद किया। हजारों पौधों का पशुओं ने सफाया कर दिया। अन्य जगह भी पौधे नष्ट हुए हैं। वन विभाग नुकसान का सर्वे कर आंकलन करने में जुटा हुआ है।
बतादें कि वन विभाग ने वर्ष 2018-19 के तहत जिले में करीब दस लाख पौधे लगाए। इन पौधों की वन विभाग द्वारा कई महीने से देखभाल भी की जा रही थी। पौधों में वृद्धि हुई। इस दौरान आवारा पशुओं को किसानों को बंद कर शुरू कर दिया। किसानों के गुस्से को शांत करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा सासनी स्थित पराग डेरी व बिलखौरा पशुओं को बंद कर दिया। पराग डेरी में साढ़े 14 हजार व बिलखौरा में 66 सौ पौधों को पशुओं ने नष्ट कर दिया।
इसके अलावा अन्य जगह पर भी चारागाह की भूमि पर लगाए गए पौधों को पशुओं ने नष्ट कर दिया। इससे वन विभाग को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। वन विभाग के अधिकारियों ने जिले में पौधरोपण के लिए कई जगह चारागाह की भूमि को तलाश किया। 2019-20 के तहत पौधे लगाने की योजना तैयार की। लेकिन उन जगह पर जिला प्रशासन ने गौशाला का निर्माण शुरू कर दिया है। अब इसे लेकर वन विभाग के अधिकारी परेशान हैं कि पौधरोपण का जो लक्ष्य नया मिला है। उसे कैसे पूरा किया जाएगा, क्योंकि जगह की पहले से कमी चल रही थी।