न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। जिले के प्रत्येक ब्लाक के एक गांव को ओडीएफ प्लस के लिए चयनित किया गया है। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर डीपीआर तैयार की गई है। इस प्रोजेक्ट के तहत कर्मियों के काम का मूल्यांकन भी होगा। ओडीएफ प्लस में ठोस व द्रव अपशिष्ट प्रबंध पर विशेष जोर दिया जाएगा।
बतादें कि जिले की 474 ग्राम पंचायतों के 658 राजस्व गांवों में शौचालय निर्माण का कार्य पूरा हो गया है। इसी के साथ जिला ओडीएफ की सूची में शामिल हो गया है। अब ओडीएफ प्लस के तहत कूड़ा निस्तारण की प्रक्रिया के साथ स्वच्छता पर ध्यान दिया जा रहा है। ओडीएफ प्लस के तहत हाथरस जिले की प्रत्येक ब्लाक के एक गांव का पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चयन किया गया है। डीपीआर तैयार की जा रही है।
ओडीएफ प्लस में घर घर कूड़ा लेने के लिए गाड़ी जाएगी। इस गाड़ी में दो रंग के डस्टबिन लगे होंगे। कूड़े को दो श्रेणियों में बांटा जाएगा। सूखा कूड़ा व गीला कूड़ा। गांव में संभ्रांत लोगों की स्वच्छता समिति बनाई जाएगी। जो लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करेगी। सार्वजनिक स्थालों पर डस्टबिन लगाए जाएंगे। स्कूल, आंगनबाड़ी, व सार्वजनिक स्थलों पर बच्चों के खेलकूद से संबधित पेंटिंग कराई जाएगी।
जहां जलभराव समस्या है वहां सोखता गड्ढा बनाया जाएगा। जर्जर नालियों को दुरुस्त किया जाएगा। गांव के बाहर पानी को साफ करने के लिए बालू व कंकड आदि डालकर चेंबर तैयार किया जाए। पानी को साफ कर खेती, गार्डन आदि की सिंचाई के प्रयोग में लिया जाएगा।