न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में अब अतिरिक्त भूमि पर किचन गार्डेन विकसित होंगे। जिससे स्कूली बच्चों के लिए हरी सब्जी, फल व फूल उगाए जाएंगे। जिससे बच्चों को इन सब्जी व फलों को खिलाकर पौष्टिक आहार दिया जा सके और फूलों के माध्यम से स्कूल परिसरों को सुंदर बनाया जा सके।
बेसिक शिक्षा विभाग ने मध्याह्न भोजन योजना की वार्षिक कार्य योजना एवं बजट वर्ष 2018-19 के अनुमोदन के लिए 14 जून, 2018 को बैठक का आयोजन हुआ। इससे पूर्व मध्याह्न भोजन अंतर्गत प्रोजेक्ट एप्रूवल बोर्ड व मानव संसाधन विकास मंत्रालय भारत सरकार की बैठक में किचन गार्डन विकसित करने का निर्णय लिया है।
इसमें प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों में अतिरिक्त भूमि पर किचन गार्डन को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद प्राधिकरण के निदेशक अब्दुल समद ने इस योजना को बढ़ावा देने के लिए शासन की ओर से सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर किचन गार्डन को बढ़ावा दिए जाने के निर्देश दिए है।
निर्देशों में कहा है कि मध्याह्न भोजन योजना के निर्धारित मीनू के अनुसार प्रति कार्यदिवस में अध्यनरत छात्र छात्राओं को पका-पकाया गुणवत्तायुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इस कार्य में मां समूह के सदस्यों, माता अभिभावक संघ, विद्यालय प्रबंध समिति के सदस्यों को भी उसी ग्राम स्थित अपनी भूमि पर हरी सब्जियों व फूलों को बोने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। जिससे विद्यालयों में बनने वाले मध्यान्ह भोजन में इसका उपयोग हो सके और विद्यार्थियों को पौष्टिक भोजन दिया जा सके।
- शासन से प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों की भूमि पर किचन गार्डन विकसित करने के निर्देश दिए है। इनका अनुपालन सुनिश्चित कराने के लिए शीघ्र ही कार्य योजना तैयार की जाएगी।
-हरिश्चंद, बीएसए