अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
विनियमित क्षेत्र हाथरस के अवर अभियंता अतुल शर्मा द्वारा राजकीय कार्यों के संपादन में गंभीर एवं आपराधिक अनियमितताएं बरतने का मामला सामने आया है। इस मामले में उप जिलाधिकारी एवं नियत प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र हाथरस अमिताभ यादव के द्वारा जेई के विरुद्ध कोतवाली हाथरस में एफआईआर दर्ज कराई है। ज्ञात हो कि उप जिलाधिकारी हाथरस अमिताभ यादव के कार्यभार ग्रहण करने के बाद से ही जेई कार्यालय में गैरहाजिर हैं।
कोतवाली हाथरस में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा गया है कि विनियमित क्षेत्र में निर्माण का कार्य नियमानुसार शुल्क जमा कराकर व मानचित्र स्वीकृत होने के बाद मानक के अनुसार ही किया जा सकता है। बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद भी जेई द्वारा पत्रावलियों को प्रेषित न किए जाने से स्पष्ट है कि उनके द्वारा पत्रावलियों में घोर अनियमितता की गई हैं। विनियमित क्षेत्र में अनाधिकृत व अवैध निर्माण को जानबूझ कर व्यक्तिगत लाभ के लिए बढ़ावा दिया है।
रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि विनियमित क्षेत्र हाथरस में मानचित्र विरुद्ध अनाधिकृत व अवैध निर्माण होने से न केवल राजकीय शासकीय राजस्व की क्षति हुई है, अपितु किसी प्रकार की दुर्घटना होने से जनहानि की भी प्रबल संभावना है। यह भी उल्लेखनीय है कि तत्कालीन प्राधिकारी द्वारा किए गए निरीक्षण के समय कार्यालय में उपलब्ध पंजिका में कुल 188 प्रकरणों का अंकन दर्ज है। अधिकांश में निर्माण कार्य मौके पर पूर्ण हैं, किंतु जेई द्वारा उनके विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं कराई गई।
बार-बार मांगे जाने के उपरांत भी पत्रावलियां प्रस्तुत नहीं की गईं। जेई लंबे समय से कार्यालय विनियमित क्षेत्र हाथरस में कार्यरत हैं। इससे शासकीय कार्य के प्रति एकाधिकार एवं स्वेच्छाचारिता की प्रवृत्ति उत्पन्न हो गई है और वह मनमाने कार्य व्यवहार के आदी हो गए हैं। जिससे कार्यालय में गंभीर वित्तीय एवं अभिलेखीय अनियमितता की स्थिति उत्पन्न हुई है।
यह भी परिलक्षित होता है कि कतिपय प्रकरणों में शुल्क के रूप में प्राप्त होने वाली राजकीय धनराशि में जेई द्वारा निजी स्वार्थ पूर्ति के लिए गंभीर अनियमितताएं बरती गई हैं। इसके कारण अपने बचाव में बहुत से अभिलेख कार्यालय से बाहर छिपा कर रख दिए हैं या गायब कर दिए हैं, जो कि एक आपराधिक कृत्य है।
जेई द्वारा राजकीय कार्य अनुपालन में सुपुर्द की गई पत्रावलियों में दस्तावेजों में हेराफेरी कर फर्जी तरीके से पूर्व एसडीएम नियत प्राधिकारी हाथरस के हस्ताक्षरों से बैंक डेट में मानचित्र स्वीकृत करना, कर्तव्य निर्वहन के रूप में रखरखाव एवं कार्यवाही के लिए दी गई पत्रावलियां, जो राजकीय संपत्ति हैं, को अपने अनुचित लाभ कमाने के उद्देश्य से कपटपूर्ण आशय से पत्रावलियों को खुर्द बुर्द कर आपराधिक कृत्य किया गया है।