कन्या भ्रूण हत्या और छेड़छाड़ के मामलों में नि:शुल्क पैरवी करने वाले अधिवकताओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। समाज में जागरूकता लाने एवं पैरवी के लिए लिए डिस्ट्रिक्ट बार के 151 अधिवक्ता तैयार हो गए हैं। इनमें डिस्ट्रिक्ट बार के नौ पूर्व अध्यक्ष, सात पूर्व सचिव, तीन पूर्व डीजीसी, एक पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष और चार महिला अधिवक्ता शामिल हैं।
इन सभी अधिवक्ताओं ने इस काम के लिए पर्यावरणविद् भवतोष मिश्र द्वारा चलाए जा रहे बेटी बचाओ अभियान से प्रभावित होकर यह कदम उठाए गए हैं। इन सभी अधिवक्ताओं ने मिश्र के इस प्रयास की मुक्त कंठ से प्रशंसा भी की है। वह बेटियों को उनके विधिक अधिकारों के बारे में अवगत कराने में भी अहम भूमिका निभाएंगे। अधिवक्ताओं के इस निर्णय की समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने सराहना की है। इसके साथ ही कन्या भ्रूण हत्या एवं उनसे छेड़छाड़ के आरोपियों को इन निर्णय से परेशानियां पैदा होंगी, जो अधिवक्ताओं के सहयोग से इस प्रकार के मामलों में लाभ उठा रहे थे।
इस संबंध में शपथ लेने वाले अधिवक्ताओं में प्रमुख रूप से डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राजीव तिवारी, उमेश गुप्ता, सत्यप्रकाश शर्मा, रविरंजन द्विवेदी, पूर्व सचिव व पूर्व डीजीसी प्रमोद कुमार शर्मा, पूर्व डीजीसी शरद अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जालिम सिंह, हरिओम शर्मा, आरआर शर्मा, चंद्रमोहन शर्मा, राजपाल सिंह दिसवार, मतेंद्र सिंह गहलोत, प्रशांत कमल पाराशर, विजय कुमार शर्मा, विनोद कुमार उपाध्याय, रामनिवास शर्मा, राकेश स्वामी, हजारीलाल, प्रेमवीर सिंह, राजकिशोर, एसएल अरोरा, रतन कुमार दीक्षित, विजय कुमार सारस्वत, निहाल सिंह, राखी सोलंकी, प्रियंका सिंह, पूजा वार्ष्णेय, निष्कर्ष कुमार, विनोद शर्मा, सुरेश सिंह चौहान, संजय तिवारी, ब्रह्मदत्त गौतम, महीपाल सिंह, योगेश कुमार रावत, जितेंद्र रावत, रवि कुमार शर्मा, एपी सिंह, किशन सिंह राठौर, अशोक प्रताप सिंह, श्यामसुंदर, मूलचंद्र राजौरिया, राधारमण शर्मा, आरपी मुंजाल, बिजेंद्र दीक्षित, समीर, प्रेमपाल सिंह, अरुण कुमार सिसौदिया, साहूकार सिंह आदि शामिल हैं।