महाकुंभ के लिए हाथरस डिपो से रवाना हुईं बसों के अब वापस लौटने का सिलसिला शुरू हो गया है। 24 जनवरी दोपहर तक 15 बसें यहां लौट आईं हैं। आधी रात तक पांच और बसों के हाथरस लौटने की उम्मीद है। इन बसों की वापसी से पिछले कुछ दिनों से बसों की किल्लत झेल रहे यात्रियों को राहत मिली है।
हाथरस डिपो से कुल 64 बसें चरणबद्ध तरीके से महाकुंभ के लिए रवाना की गई थीं। इनको शासन के निर्देशानुसार गोरखपुर के निकट गोला भेजा गया था। वहां से इन बसों को यात्रियों को लेकर महाकुंभ पहुंचना था, लेकिन गोला में यात्रियों की संख्या कम होने के कारण बसों को खाली चक्कर लगाने पड़े। यात्रियों की संख्या के सापेक्ष बसों की संख्या अधिक होने के चलते अब इन बसों को वापस बुलाया गया है। यह बसें अलग-अलग मार्ग से होकर हाथरस पहुंच रही हैं।
24 जनवरी दोपहर तक डिपो को 15 बसें वापस मिल गई थीं। उम्मीद की जा रही थी कि आधी रात तक पांच और बसें वापस आ जाएंगी। ऐसे में डिपो के पास 20 से अधिक बसें होंगी। इनके संचालन से यात्रियों को लाभ मिलेगा। कई मार्गों पर बसों के संकट को दूर किए जाने में काफी मदद मिलेगी। सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक हाथरस डिपो इरफान अहमद ने बताया कि शासन के निर्देश पर ही बसों का संचालन किया जा रहा है।
आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर रहेगा डिपो का ध्यान
रोडवेज बसों के महाकुंभ से वापस आने पर डिपो के अधिकारियों का ध्यान आगरा-अलीगढ़ मार्ग पर अधिक है। स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि आगरा व अलीगढ़ से लंबी दूरी की बसों से यात्रियों को जोड़ना अहम है। इसके लिए शुरुआती दौर में स्थानीय मार्ग पर बसों की उपलब्धता पर ध्यान रखा जा रहा है।