यातायात माह में पुलिस प्रशासन सड़क हादसों पर लगाम नहीं लगा पा रहा है। लगातार चेकिंग व हजारों चालान के बावजूद 67 से अधिक हादसों में 24 लोगों की जान चली गई। इन हादसों में 92 लोग घायल हुए, जिनमें से 35 लोग गंभीर हैं। मरने वालों में 25 से 40 वर्ष के लोग अधिक हैं। इनमें दुपहिया वाहन चालकों की संख्या 14 है। घायलों में भी सर्वाधिक दुपहिया वाहन चालक ही हैं, जिन्होंने हेलमेट का प्रयोग नहीं किया था। बढ़ती जनसंख्या के कारण सड़कों पर बढ़ता वाहनों का बोझ, ट्रैफिक सेंस की कमी इन हादसों की मूल वजह है।
जागरूक नहीं कर पाई पुलिस
हर साल नवंबर माह को यातायात जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। गोष्ठी होती हैं, सेमिनार की जाती हैं। प्रचार सामग्री बंटती है और तरह-तरह से वाहन चालकों को जागरूक करने का प्रयास किया जाता है। इस बार भी यातायात व सिविल पुलिस ने यह सब किया, लेकिन लोगों ने सबक नहीं लिया।
कुछ प्रमुख सड़क दुर्घटनाएं
जिले में इस माह ऐसी दुर्घटनाएं हुईं, जिसने सभी को झकझोर कर रख दिया। एक नवंबर को सादाबाद में बाइक फिसलने से युवक का सिर डिवाइडर से टकराया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वह फिरोजाबाद से अपने भाई की शादी का कार्ड बांटकर लौट रहा था। पांच नवंबर को मथुरा रोड पर गड्ढे से बचने के प्रयास में बाइक सवारों को सामने से आ रही कार ने रौंद दिया था। अत्यधिक खून बहने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई थी, जबकि दूसरा गंभीर घायल था। छह नवंबर को सासनी के समामई पर तेज रफ्तार दूध के टैंकर ने रोडवेज बस में टक्कर मार दी थी। टैंकर चालक शराब के नशे में था। हादसे में बस के परखच्चे उड़ गए थे। एक बच्चे सहित चार की मौत हुई थी और 21 लोग घायल हुए थे। 13 नवंबर को सिकंदराराऊ में ट्रक व रोडवेज बस की भिड़ंत में बस चालक की मौत हो गई थी।
16 नवंबर को सहपऊ में दो बाइकों की भिड़ंत में एक युवक की मौत, जबकि पिता-पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए थे। 23 नवंबर की सुबह इगलास रोड पर हादसा हुआ। मंदिर से पैदल लौट रहे मां-बेटे को डंपर ने कुचल दिया था, दोनों की मौत हो गई। इसी दिन मथुरा-बरेली मार्ग पर बाइक सवार दूल्हे के भाई की मौत हो गई थी। 28 नवंबर को एक ट्रैक्टर ट्रॉली को पीछे से रोडवेज बस ने टक्कर मार दी, जिससे 20 यात्री घायल हुए।
नियमों की अनदेखी के कारण सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। यातायात माह में लोगों को जागरूक किया गया, लेकिन फिर भी लोग हेलमेट, स्पीड लिमिट व अन्य नियमों का पालन नहीं कर रहे। पूरा प्रयास कर रहे हैं लोग जागरूक हों और दुर्घटनाओं को कम किया जा सके।
-रामानंद कुशवाहा, एएसपी
सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़े
वर्ष दुर्घटनाएं मौत घायल
2025 479 289 504
2024 489 304 443
2023 393 250 378
2022 366 209 283
2021 350 237 279