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Hathras News: 13.37 करोड़ खर्च, फिर भी गंदगी से अटे पड़े शहर के नाले

Wed, 14 Jun 2023 12:15 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस

सार

नगर पालिका परिषद क्षेत्र में नालों में गंदगी का अंबार लगा पड़ा है। सिल्ट व पॉलीथीन जमा होने के कारण नाले ऊपर तक उफन रहे हैं। इन नालों में आने वाले गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इस कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
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अटा पड़ा नाला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नगर पालिका हाथरस ने वित्तीय वर्ष 2022-23 में 13.37 करोड़ रुपये सफाई कार्यों पर खर्च हुए। हैरानी की बात यह है कि इस धनराशि के खर्च होने के बावजूद भी नगर पालिका क्षेत्र के सभी नाले नालियां गंदगी से अटे पड़े है। जबकि अभी मानसून ने दस्तक नहीं दी है, फिर भी नालों में गंदगी व इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि नगर पालिका प्रशासन ने मानसून से पहले इन नालों की सफाई कराने का दावा कर रहा है।

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नगर पालिका परिषद क्षेत्र में नालों में गंदगी का अंबार लगा पड़ा है। सिल्ट व पॉलीथीन जमा होने के कारण नाले ऊपर तक उफन रहे हैं। इन नालों में आने वाले गंदे पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। इस कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जब कि पिछले वित्तीय वर्ष में नगर पालिका प्रशासन की ओर से शहर में सफाई व्यवस्था के नाम पर 13.37 करोड़ खर्च कर दिए। करोड़ों रुपये हर साल खर्च करने के बाद भी शहर के नाले नालियों के हालात जस के तस बने हुए हैं।

नगर पालिका क्षेत्र के प्रमुख नाले मेंडू रोड, नगला अलगर्जी रोड, अलीगढ़ रोड, ढकपुरा रोड, जलेसर रोड पर स्थित हैं, यह सभी नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। हालात यह हैं अगर नगर पालिका प्रशासन इन नालों की सफाई मानसून आने से पहले नहीं कराता है तो शहर के बहुत इलाके जलमग्न होते नजर आएंगे। यहां तक कि कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। क्षेत्र के श्रीनगर, इगलास रोड , माहेश्वरी कॉलोनी, नाई का नगला, नवल नगर , साकेत कॉलोनी आदि इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है।
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नगर पालिका क्षेत्र के सभी मोहल्लों और गलियों से पानी निकालने के लिए शहर में प्रमुख नाले हैं। इन नालों के जरिए ही शहर का पानी जलेसर रोड स्थित गंदे नाले तक पहुंचाया जाता है। इन सभी नालों की सफाई की बहुत ही ज्यादा आवश्यकता है। शहर में किसी भी तरह का कोई व्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम नहीं है। जिससे शहर के अंदर जलभराव नहीं हो। कूड़े और गंदगी का आलम यह है कि सभी नालों की सफाई कराने के बाद भी हफ्ते भर में यह नाले फिर गंदगी के वजह से अट जाते है। शहर के निचले इलाकों में भी जलभराव की बारिश के दिनों में बहुत ज्यादा होती है।

नगर पालिका को बारिश आने का इंतजार न करके सफाई का कार्य शुरू करा देना चाहिए। नहीं तो नालों की सफाई हो नहीं पाती हैं जिसके कारण नालियां गंदगी से भरी रह जाती हैं और गलियां बरसात के मौसम में जलमग्न रहती है। -आनंद सिसौदिया, शहरवासी
बारिश आने से पहले ही शहर के बहुत सारी गलियां पानी से लबालब भरी पड़ी हैं। नालों की सफाई का कार्य अभी तक शुरू नहीं हुआ है। बारिश के मौसम और ज्यादा दयनीय स्थिति हो जायेगी। नगर पालिका प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए। -कैलाश, शहरवासी
नगर पालिका प्रशासन नालों की सफाई कराने की तैयारी में जुटा हुआ है। कर्मचारियों को भी नोटिस देकर उन्हें सभी नालों को जल्द से जल्द साफ कराने के लिए कहा जा रहा है। इसके बावजूद भी अगर किसी प्रकार की नालों की गंदगी और जलभराव की शिकायत मिलती है तो संबंधित कर्मचारी की स्वयं की जिम्मेदारी होगी। -नवनीत शंखवार, अधिशासी अधिकारी, हाथरस

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