न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ब्यूरो
कृषि विभाग की ओर से जिले के 17 उर्वरक विक्रेताओं का लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है और 24 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस थमा दिया है। यह कार्रवाई जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार ने पॉस मशीन से उर्वरक की ब्रिकी न करने वालों पर की है।
वही गुरुवार को पूरे दिन जिले में स्टेट कोआर्डिनेटर फर्टिलाइजर डीबीटी की टीम ने उर्वरक विक्रेताओं के यहां छापामारी की। इस दौरान कई उर्वरक विक्रेता बिना पॉस मशीन के उर्वरक बिक्री करते हुए पाए गए। इन सभी पर कार्रवाई के लिए विभाग को पत्र लिख कर अवगत कराया गया है।
शासन के निर्देश पर जिले में सभी उर्वरक विक्रेताओं को पॉस मशीनें दी गई हैं। इन पॉस मशीनों के जरिए उर्वरकों की बिक्री के आदेश भी जारी किए गए हैं। शासन की मंशा है कि पॉस मशीन के जरिए बिक्री के माध्यम से सभी अधिकारी अपने कार्यालयों में बैठकर अपने अपने जिले में होने वाले उर्वरकों की बिक्री के बारे में जानकारी ले सकते हैं और किसी भी उर्वरक को ब्लैक में बिकने से भी रोक सकते हैं।
यहां जिले के 41 उर्वरक विक्रेता बिना पॉस मशीन के उर्वरकों की बिक्री कर रहे थे। जिला कृषि अधिकारी डिपिन कुमार ने 41 में से 17 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। वही 24 उर्वरक विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस कार्रवाई को लेकर उर्वरक विक्रेताओं में खलबली मची हुई है।
वही गुरुवार को जिले के उर्वरक विक्रेताओं के यहां स्टेट कोआर्डिनेटर फर्टिलाइजर हर्ष कंचन के नेतृत्व में टीम ने छापामारी की गई। टीम ने पॉस मशीन में अपडेट वर्जन को देखा और बिना पॉस मशीन के उर्वरकों की बिक्री करने वाले विक्रेताओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने के लिए विभाग को संस्तुति की। वहीं टीम ने एक आधार कार्ड से 100 से अधिक खाद के कट्टे देने वाले उर्वरक विक्रेताओं पर हो रही कार्रवाई के बारे में भी जानकारी ली।
17 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निरस्त और 24 विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह उर्वरक विक्रेता पॉस मशीन से उर्वरकों की बिक्री नहीं कर रहे थे। नोटिस का जवाब नहीं देने वालों के भी लाइसेंस निरस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-डिपिन कुमार, जिला कृषि अधिकारी