न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। शासन के निर्देश पर अब उन मेडीकल स्टोर संचालकों को अपने यहां टीबी मरीजों का ब्योरा रखना होगा, जो अपने यहां से टीबी रोग की दवाइयां बेचते हैं। ड्रग इंस्पेक्टर दीपक कुमार ने सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को इसके बारे में जानकारी दे दी है। इसे लेकर सादाबाद क्षेत्र में ड्रग इंस्पेक्टर ने मेडिकल स्टोर संचालकों के साथ बैठक भी की।
केंद्र सरकार की योजना के तहत 2022 तक देश को टीबी मुक्त बनाना है। इसके लिए अब जिलों से टीबी मरीजों का ब्योरा एकत्रित किया जाएगा और उनका इलाज कराया जाएगा। ड्रग इंस्पेक्टर दीपक ने बताया है कि वह मेडीकल स्टोर से टीबी की दवाएं बेचते है। उन्हें अपने यहां एक रजिस्टर रखना होगा। इस रजिस्टर में टीबी मरीज का पूरा ब्योरा रहेगा।
उन्होंने बताया कि रजिस्टर में मरीज का नाम, दवा, मोबाइल नंबर, किस चिकित्सक द्वारा यह दवा लिखी गई है, उसका नाम भी अंकित किया जाएगा। इन मरीजों को पूरे नौ महीने का कोर्स कराया जाता है। अगर मरीज बीच में अपनी दवा बंद कर देगा तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उसे चिह्नित करके उसकी दवाओं का पूरा कोर्स कराएंगे। उन्होंने बताया कि इस रजिस्टर का ब्योरा विभाग के पास भी रहेगा और विभागीय अधिकारियों द्वारा समय समय पर स्टोर पर जाकर चेक भी किया जाएगा।