अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) को लेकर चल रहे विरोध को थामने के लिए अब कमिश्नर खुद आगे आए हैं। कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा ने मंगलवार को जिले के व्यापारियों और उद्यमियों के साथ बैठक कर जीएसटी पर उनकी नब्ज टटोली। उन्हें यकीन दिलाया कि अगले तीन महीने तक उन्हें किसी भी तरह परेशान नहीं होने दिया जाएगा। जो भी व्यवहारिक दिक्कतें जीएसटी में कारोबार करने में उद्यमी और व्यापारियों को हो रही हैं, उन्हें प्राथमिकता से दूर कराया जाएगा। व्यापारी और उद्यमियों ने उनके सामने कई अहम सवाल उठाए, जिनके जवाब कमिश्नर ने विभागीय अधिकारियों से दिलवाए।
कमिश्नर ने कहा कि टैक्स देना प्रत्येक व्यक्ति का धर्म होना चाहिए, मजबूरी नहीं। उन्होंने पालिसी डिसीजन वाले मामलों को उच्च स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से जीएसटी काउंसिल को संदर्भित करने के लिए विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए और कहा कि जीएसटी से संबंधित अन्य समस्या और शंकाओं का स्थानीय स्तर पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
डीएम अमित कुमार सिंह ने बताया कि जीएसटी से संबंधित व्यापारी, उद्यमियों की समस्या और शंकाओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए जिला एवं तहसील स्तर पर नोडल अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं।
बैठक में संयुक्त आयुक्त वाणिज्य कर मथुरा अनूप कुमार प्रधान और जेसी कार्यपालन मथुरा राजेंद्र कुमार राय ने व्यापारी, उद्यमियों द्वारा जीएसटी के बारे में प्रस्तुत समस्या और शंकाओं का मौके पर समाधान किया।
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा व्यापारी एवं उद्यमियों की सहायता के लिए जीएसटी हेल्प डेस्क संचालित की जा रही है। सुबह आठ बजे से रात्रि आठ बजे तक सहायक आयुक्त तथा वाणिज्य कर अधिकारी द्वारा उद्यमियों और व्यापारियों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। नए रजिस्ट्रेशन का कार्य निरंतर किया जा रहा है। जिले में 46 जन सुविधा केंद्रों पर भी जीएसटी पंजीकरण का काम शुरू कर दिया गया है।
उपायुक्त वाणिज्य कर संजय कुमार व आरएस भाटी, सहायक आयुक्त वाणिज्य कर राकेश कुमार शुक्ला, सहायक आयुक्त सीमा सिंह ने जीएसटी से संबंधित ऑनलाइन रजिस्टे्रशन, रिटन्र्स, एडजस्टमेंट ऑफ आईटीसी, इनवायस, समाधान योजना तथा माइग्रेशन प्रक्रिया के बारे में पावर प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया।
बैठक में जिले के विभिन्न उद्योग एवं व्यापार संगठनों की ओर से श्रीकृष्ण अरोड़ा काके बाबू, प्रदीप गोयल, देवेंद्र मोहता, संजीव अग्रवाल, रामचरन नरूला, कीर्ति मेहरा, विजय खेतान, आकाश बग्गा, हरीश आहूजा आदि ने कमिश्नर और डीएम का बुके एवं प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया। बैठक में अपर जिलाधिकारी रेखा एस.चौहान, राजेश कुमार सिंह, एसडीएम अमिताभ यादव, ओसी कलेक्टे्रट ज्योत्सना बंधु अन्य विभागीय अधिकारी, औद्योगिक एवं व्यापार संगठनों के पदाधिकारी, उद्यमी एवं व्यापारी मौजूद थे।
कारोबारियों ने उठाए ये मसले
ट्रांसपोर्ट कारोबारियों ने कहा कि उनके कोई पंजीकरण नहीं है, इसलिए उनके सामने उलझन है कि वह किस टैक्स के दायरे में आते हैं। अधिकारियों ने बताया कि वह सर्विस टैक्स के दायरे में आते हैं और रजिस्ट्रेशन से बच नहीं सकते। व्यापारियों ने जीएसटी के बावजूद कृषि उत्पादों पर ढाई फीसदी मंडी शुल्क का मामला उठाया और इसे भी जीएसटी में समायोजित करन की मांग उठाई, ताकि फल, सब्जी, दाल और अनाज जैसी जरूरी चीजें सस्ती हो सकें। निर्यातकों के मामले में अधिकारियों ने बताया कि जो व्यापारी एक्साइज के तहत रजिस्टर्ड नहीं है, उनकी क्लीयरेंस वैट से ही दी जाएगी। फल से बने उत्पादों पर अलग-अलग टैक्स की दरों पर सवाल उठाया और कहा कि अगर इन पर एक ही टैक्स की दर लग जाए तो आसानी रहेगी।
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