महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में काम नहीं कराना क्षेत्र के 12 ग्राम प्रधानों को महंगा पड़ सकता है। मनरेगा के काम में सुस्ती पर शासन की नाराजगी के बाद डीएम ने इन सभी ग्राम प्रधानों को नोटिस जारी किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय पर स्थिति नहीं सुधारी तो प्रधानों के अधिकार सीज कर दिए जाएंगे और ग्राम पंचायत के कामकाज के संचालन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी जाएगी। डीएम के नोटिस ने प्रधानों में खलबली मचा दी है।
डीएम की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है कि विकास खंड सहपऊ की ग्राम पंचायत बहादुर देवकरन, धनौली, नगला सलेम, नगला दली, नगला बैरू, महरारा, मढ़ापिथू, खेरिया, दोहई, परसौरा, सलेमपुर एवं मानिकपुर के प्रधानों द्वारा मनरेगा के अंतर्गत किए गए कार्य की समीक्षा करने पाया गया कि उनकी ग्राम पंचायत में वित्तीय वर्ष 2017-18 में अब तक मानव दिवस की फीडिंग शून्य है या फिर मात्र 50 दिवस की एमआईएस फीडिंग भी इंदिरा आवास के अंतर्गत की गई प्रतीत होती है।
मनरेगा के अंतर्गत जो भी धनराशि उपलब्ध कराई जाती है, उसकी 60 प्रतिशत धनराशि को मनरेगा श्रमिकों द्वारा किए गए कार्य की एवज में उनके खातों में भेजा जाता है। इसके अलावा 40 प्रतिशत सामग्री अंश के रूप में व्यय की जाती है। डीएम ने इन ग्राम प्रधानों से कहा है कि उनके द्वारा ऐसा नहीं कर ग्राम पंचायत में मनरेगा योजनांतर्गत कोई कार्य नहीं कराया गया है।
डीएम ने इन ग्राम प्रधानों से कहा है कि उनके इस कृत्य से ऐसा प्रतीत होता है कि उनके द्वारा पंचायतराज अधिनियम तथा इस अधिनियम के आधीन बनाए गए नियमों द्वारा अपने स्तर पर अपने कर्तव्यों के पालन में निरंतर चूक की जा रही है। लिहाजा क्यों नहीं उत्तर प्रदेश पंचायतराज अधिनियम 1947 के अंतर्गत आपकी वित्तीय एवं प्रशासनिक शक्तियों पर रोक लगाकर ग्राम पंचायत में प्रधान पद के समस्त ऐसे कार्याें के संपादन, दायित्वों के निर्वहन, कर्तव्यों के पालन एवं शक्तियों के प्रयोग के लिए तीन ग्राम पंचायत सदस्यों की वित्तीय एवं प्रशासनिक समिति का गठन कर दिया जाए।
डीएम ने प्रधानों को आखिरी मोहलत देते हुए कहा है कि मनरेगा के तहत एक पक्ष के अंदर अनिवार्य रूप से नियमानुसार कार्य कराकर कार्याें पर व्यय धनराशि की एमआईएस फीडिंग कराकर इस संबंध में अपना साक्ष्यों सहित स्पष्टीकरण 15 दिन के अंदर जिला पंचायतराज अधिकारी एवं परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण हाथरस को अनिवार्य रूप से प्रेषित करना सुनिश्चित करें।