अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के आने से एक दिन पहले जागे पीडब्ल्यूडी ने सड़क पर पैच वर्क शुरू किया, लेकिन केवल उस रास्ते पर जगह-जगह पैच लगाए गए, जहां से डिप्टी सीएम का काफिला गुजरने वाला था।
मालूम हो कि सरकार ने 15 जून तक सूबे की सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का ऐलान किया था लेकिन अभी तक यह काम पूरा नहीं हो सका है। डिप्टी सीएम को पुलिस लाइन से लेबर कॉलोनी तक अवध प्रांत के संगठन मंत्री बृज बहादुर के घर जाना था, इसलिए पीडब्ल्यूडी ने अपने विभाग के मंत्री के रास्ते पर ही केवल पैच वर्क कर दिया।
यही नहीं मेंडू रोड पर समय न होने के कारण विभाग पैच वर्क नहीं करा पाया, तो वहां केवल कोलतार छिड़ककर डिप्टी सीएम को गुमराह करने की कोशिश की गई। कोलतार के कारण कई दो पहिया वाहनों को परेशानी झेलनी पड़ी। इससे पहले पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस को भी चमकाया गया था।
मंत्री के घर के बाहर भी कराया काम
हाथरस। प्रशासन ने हर उस जगह को चमकाने की कोशिश की, जहां डिप्टी सीएम पहुंचने वाले थे। पुलिस लाइन से लेकर मेला स्थल तक हर जगह यही कोशिश की गई कि डिप्टी सीएम को कोई परेशानी नहीं हो। केशव प्रसाद मौर्य को अवध प्रांत के संगठन मंत्री बृज बहादुर के घर पहुंचना था, इसलिए शनिवार से ही प्रशासन ने इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। संगठन मंत्री के बाहर नाले पर बड़ी स्लैब डाली गई। पहले इस पर लकड़ी के तख्ते रखे हुए थे। यहीं नहीं घर के आसपास भी काफी साफ-सफाई कराई गई। वहीं संगठन मंत्री के परिजनों ने भी केशव प्रसाद मौर्य के आगमन को लेकर घर के अंदर काफी मरम्मत कराई और तैयारियां कीं।
जमकर हुई सफाई, बड़े वाहनाें को बाहर रोका
हाथरस। डिप्टी सीएम के कार्यक्रम के दौरान करीब तीन घंटे तक बड़े वाहनों को शहर के अंदर आने से रोक दिया गया। ऐसा इसलिए किया गया, ताकि शहर में जाम के हालात नहीं बनें। डिप्टी सीएम को पुलिस लाइन से लेबर कॉलोनी जाना था, इसलिए उन्हें सिटी स्टेशन या तालाब चौराहे पर जाम का सामना करना पड़ सकता था और मेला स्थल जाने पर भी जाम से रूबरू होना पड़ सकता था। इससे बचने के लिए प्रशासन ने बड़े वाहनों की एंट्री रोक दी, जिससे शहर में तीन घंटे तक सन्नाटा नजर आया। रोडवेज बसों को छोड़कर बड़े वाहन या तो रोक दिए गए या रूट डायवर्ट कर गुजारे गए। यही नहीं शहर में साफ-सफाई भी देखने को मिली। डिप्टी सीएम के आने से पहले शहर की सड़कों को देर तक चमकाया गया था।