बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद
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मौसम में आए बदलाव और बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। जिससे बीमारियां भी बढ़ रहीं हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों का तांता लगा रहा। सबसे लंबी कतारें फिजिशियन के कक्ष के बाहर देखी गईं। केवल तीन घंटे खुली ओपीडी में 1131 मरीजों ने परामर्श लिया।
बृहस्पतिवार की शाम बारिश से गर्मी से राहत मिली, लेकिन शुक्रवार को सूरज निकलने के साथ ही गर्मी व उमस ने लोगों को परेशान किया। 24 घंटे में तापमान में यह उतार-चढ़ाव लोगों, खासकर बच्चे व बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। शुक्रवार को सर्दी, जुकाम, बुखार और बदन दर्द की शिकायतों के साथ बड़ी संख्या में मरीज अस्पताल पहुंचे।
स्थिति यह थी कि पर्चा काउंटर से लेकर फिजिशियन के चैंबर तक मरीजों की लंबी लाइनें लगी रहीं। सुबह 8 बजे से 11 बजे तक फिजीशियन व बाल रोग विशेषज्ञ के कक्ष पर मरीजों की लाइन रही। बाल रोग विशेषज्ञ ने बताया कि गर्मी के कारण जहां खान-पान में लापरवाही से उल्टी-दस्त के मरीज आ रहे हैं, वहीं मौसम में यह बदलाव सर्दी खांसी का कारण भी बन रहा है। एक ही दिन में ऐसे मरीजों की संख्या में 10 फीसदी बढ़ोतरी हुई है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. अवधेश कुमार ने बताया कि तापमान में अचानक उतार-चढ़ाव शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित करता है। ठंडी हवा और नमी के कारण वायरल बुखार तेजी से फैल सकता है। अस्थमा व एलर्जी के मरीजों के लिए भी यह मौसम चुनौतीपूर्ण है। वहीं त्वचा के संक्रमण का भी खतरा है। शुक्रवार को ओपीडी में बुखार, बदन दर्द व सर्दी-जुकाम से संबंधित 215 मरीज पहुंचे।