क्षेत्र में बृहस्पतिवार देर शाम आई तेज आंधी और बारिश के दौरान कई जगह पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो गए। खंभे टूटने से बृहस्पतिवार को पूरी रात गुतहरा और सहपऊ विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 150 गांवों की बिजली पूरी रात ठप रही। हालांकि कस्बा सहपऊ की बिजली रात 11 बजे बहाल कर दी गई।
जिन गांवों की बिजली ठप रही, उनमें नगला पचौरी, सिखरा, नगला मनी, धाधऊ, थरौरा, पीहुरा, खोंड़ा, कुकरगवां, रसगवां, भुकलारा, कोंकना खुर्द, कोंकना कलां, मकनपुर, खेरिया, जरीपुरा, मानिकपुर, सेंदरिया, महरारा, लोधई, चौबारा, नगला सेवा, नगला विशी, नगला प्राण गांव प्रमुख हैं। बृहस्पतिवार की शाम करीब चार बजे इन गांवों की बिजली ठप हुई।
शुक्रवार की सुबह बिजली निगम की टीमों ने काम शुरू किया। मढ़ाका फीडर के 15 गांवों की आपूर्ति करीब 17 घंटे बाद दोपहर 12 बजे बहाल कर दी गई, जबकि बाकी गांवों की आपूर्ति खबर लिखने तक बहाल नहीं हो पाई थी। बिना बिजली के सुबह लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ा। पानी के लिए लोग बर्तन लेकर हैंडपंपों पर भटकते नजर आए।
आंधी से सादाबाद-जलेसर मार्ग, सहपऊ से नगला बिहारी मार्ग के अलावा गांव खोंड़ा-रसगवां मार्ग पर पेड़ टूटने से काफी देर तक आवागमन बाधित रहा। अधिशासी अभियंता विद्युत अमित कुमार का कहना है कि कस्बा सहपऊ के अलावा मढ़ाका फीडर के अंतर्गत आने वाले कुछ गांवों की बिजली बहाल कर दी गई है। अन्य गांवों में शनिवार तक आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।