न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
हाथरस। कुलियों के इस प्रदर्शन से स्थानीय और रेलवे का खुफिया तंत्र नाकारा साबित हो गया। हजारों की तादाद में गुरुवार की रात्रि में ही कुली हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन पर एकत्रित हो गए और रेलवे और स्थानीय अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। सुबह आठ बजे जब लाल शर्ट पहनकर यह कुली रेलवे ट्रैक पर बैठ गए और रेलवे ट्रैक जाम कर दिया।
तब प्रशासन को इसकी जानकारी हुई और स्थानीय और रेलवे प्रशासन में खलबली मची। सूत्रों की मानें तो पहले इन कुलियों की योजना अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर चक्का जाम करने की थी, लेकिन बाद में इन्होंने अपनी योजना बदली और यह प्रदर्शन हाथरस जंक्शन स्टेशन पर किया।
लंबे समय से कुली यह मांग कर रहे हैं कि उन्हेें सरकारी नौकरी दी जाए। उनकी इस मांग को हर बार अनसुना कर दिया गया। ऐसे में ऑल इंडिया रेलवे लाल वर्दी कुली यूनियन ने जोरदार प्रदर्शन की योजना बनाई। इसके चलते यह तय हुआ कि अलीगढ़ में रेलवे का चक्का जाम किया जाए, लेकिन ऐन वक्त पर यूनियन ने अपनी रणनीति में बदलाव कर दिया। सूत्रों की मानें तो यूनियन के नेताओं की इसके पीछे यह सोच थी कि अलीगढ़ में ज्यादा फोर्स और अधिकारियों की मौजूदगी के चलते यदि वह ट्रैक जाम करेंगे तो वहां जल्द ही इसे खुलवा लिया जाएगा। ऐसे में उन्होंने अपनी रणनीति के चलते हाथरस जंक्शन को अपने आंदोलन के लिए चुना। इसके लिए गुरुवार की रात्रि से ही कुछ ट्रेनों में सवार होकर काफी कुली हाथरस जंक्शन रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए। स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों को इसका आभास ही नहीं हुआ कि उनके यहां इतना बड़ा चक्का जाम होने वाला है। स्थानीय खुफिया तंत्र को भी इसकी भनक तक नहीं लगी।
सुबह आठ बजे दो हजार से ज्यादा कुली हाथरस जंक्शन से आगे रेलवे ट्रैक पर बैठ गए और लाल झंडे लगाकर ट्रेनें रुकवा दीं। तब रेलवे स्टेशन पर अधिकारियों को इसकी जानकारी हुई। रेलवे स्टेशन से इस बारे में स्थानीय अधिकारियों को सूचित किया गया। पहले तो हाथरस जंक्शन थाने की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन जब कुलियों की ज्यादा तादाद देखी तो जंक्शन थाना पुलिस भौचक्की रह गई। उसके बाद तो वहां जिले भर की फोर्स आई और फिर मंडलीय अधिकारी और आसपास के जिलों का फोर्स भी पहुंचा। अधिकरियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी और जैसे-तैसे जाम खुला। इस पूरे प्रकरण में कुली यूनियन सफल रही और खुफिया तंत्र विफल रहा।