जानलेवा हमले के एक आरोपी को दोषी मानते हुए न्यायालय ने दस साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मोहन सिंह निवासी नगला धौंकल खांडा थाना बरहन जिला आगरा को 28 अक्तूबर 2008 को पूरन सिंह निवासी गांव नगला धौकल व नीरज उर्फ नीरू निवासी गढ़ी खंजर थाना बरहन यह कहकर अपने साथ लेकर आए कि उससे दूध का काम कराएंगे। रास्ते में सहपऊ थाना क्षेत्र के गांव फतेउल्लापुर में इन दोनों ने मोहन सिंह से शराब के लिए पैसे मांगे। मोहन सिंह ने जब पैसे नहीं दिए तो दोनों ने गाली-गलौज कर मारपीट कर दी।
इसी दौरान नामजदों ने गोली मारकर मोहन सिंह को घायल कर दिया। इस मामले में सहपऊ थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने विवेचना के उपरांत आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया। इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक रामप्रताप सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने एक आरोपी नीरज उर्फ नीरू को दोषी माना और दूसरे आरोपी पूरन सिंह को दोषमुक्त कर दिया। नीरज उर्फ नीरू को न्यायालय ने दस साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी केशवदेव माहौर ने की।