जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर शनिवार को मतदान होगा। मतदान सुबह सात से शाम पांच बजे तक होगा। जिले के सभी मतदान केंद्रों पर सुरक्षा के सख्त बंदोबस्त किए गए हैं। पुलिस, पीएसी और होमगार्ड के साथ 47 कंपनी अर्द्धसैनिक बलों की टुकड़ियां तैनात की गई हैं। सहपऊ में चुनाव से पूर्व हुई हिंसा के मद्देनजर मतदान केंद्रों के अलावा अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती बूथों के बाहर भी रहेगी, ताकि बूथों के आसपास किसी भी तरह शांति भंग नहीं होने पाए। सादाबाद विधानसभा क्षेत्र को चुनाव आयोग ने अतिसंवेदनशील घोषित किया है, जबकि सिकंदराराऊ और हाथरस विधानसभा क्षेत्र में भी जबर्दस्त किलेबंदी रहेगी। कुल 620 संवेदनशील और 111 अति संवेदनशील बूथ चिह्नित किए गए हैं।
इस चुनाव में जिले में 10,78,655 मतदाता कुल 42 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला करेंगे। इसमें 5,93,036 पुरुष एवं 4,85,572 महिला मतदाता मतदान में हिस्सा लेंगे। इनके अलावा 47 थर्ड जेंडर वाले मतदाता भी मतदान में भाग लेंगे। चुनाव के लिए 1187 बूथ एवं 830 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। इस चुनाव में 50 डिजिटल बूथ बनाए गए हैं। 211 माइक्रो ऑब्जर्वर की तैनाती की गई है, जोकि सीधे चुनाव आयोग को हर घंटे की मतदान गतिविधि के बारे में रिपोर्ट करेंगे। 120 बूथों की लाइव ब्रॉडकास्टिंग कराई जाएगी। तीन सुपर जोनल, 96 सेक्टर, 14 जोनल और 121 स्टेटिक मजिस्ट्रेट भी शंाति व्यवस्था की कमान संभालेंगे। सभी मजिस्ट्रेट लगातार अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर रहे हैं और मतदान के दौरान आने वाली दिक्कतों को दूर कराने की कोशिश कर रहे हैं। मतदाताओं से संवाद करके पूछा जा रहा है कि कहीं कोई उन्हें मतदान के लिए डरा-धमका तो नहीं रहा या किसी तरह का प्रलोभन तो नहीं दिया जा रहा।
1187 पोलिंग पार्टियां बूथों पर पहुंचीं
विधानसभा चुनाव के मतदान के लिए शुक्रवार को पोलिंग पार्टियां मतदान केंद्रों पर रवाना कर दी गईं। कुल 1,306 पोलिंग पार्टियों की ड्यूटी इस चुनाव में लगाई गई है, जिनमें से 1,187 पोलिंग पार्टियां बूथों पर भेजी गई हैं, जबकि 123 पार्टियों को रिजर्व में रखा गया है। इन पार्टियों को सुरक्षा कर्मियों के साथ मतदान केंद्रों पर भेजा गया है। देर शाम तक सभी पार्टियों के मतदान केंद्रों पर पहुंचने की जानकारी जिला प्रशासन को मिल गई। जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट ने देर रात अपने क्षेत्र के बूथों पर पहुंचकर पोलिंग पार्टियों के बूथों पर पहुंचने की तस्दीक कर दी। इसके बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
सुबह से ही मतदान कर्मचारियों का एमजी पॉलीटेक्निक परिसर में पहुंचना शुरू हो गया था। प्रशासन ने ड्यूटी पर्चियां वितरित करने के लिए 36 टेबल्स पॉलीटेक्निक परिसर में लगाई थीं, जहां से कर्मियों को यह बताया जा रहा था कि उन्हें किस विधानसभा क्षेत्र के किस बूथ पर ड्यूटी करनी है। ड्यूटी और पोलिंग पार्टी के बारे में जानने के लिए टेबल्स पर कर्मियों की भीड़ लगी रही। हर विधानसभा क्षेत्र के कर्मियों की रवानगी के लिए अलग-अलग पंडाल था, जहां से अधिकारी पोलिंग पार्टियों के कर्मियों के नाम पुकार रहे थे और उन्हें सेक्टर मजिस्ट्रेट की निगरानी में बूथों के लिए रवाना करवा रहे थे। इस दौरान डीएम अविनाशकृष्ण सिंह, एसपी दिलीप कुमार, सीडीओ जावेद अख्तर जैदी, पीडी चंद्रशेखर शुक्ला, एडीएम अली हसन कर्नी भी पूरे समय वहां जमे रहे और व्यवस्थाओं पर नजर रखे रहे। आयोग के पांचों प्रेक्षक भी वहां मौजूद रहे और पूरी स्थिति की जानकारी लेते रहे। जो मतदान कर्मी नाम पुकारने के बावजूद नहीं पहुंच रहे थे, उनके खिलाफ हाथों-हाथ एफआईआर दर्ज कराई जा रही थी। जो लोग पहुंच गए, उनके नाम तुरंत एफआईआर से हटवाए गए।
डीएम ने स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण ढंग से मतदान संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन के संकल्प को पूरा करने के लिए सभी मतदान कार्मिकों को निष्ठा एवं ईमानदारी से अपने दायित्वों को पूरी जिम्मेदारी से अंजाम देने की हिदायत दी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मतदान कार्य से जुड़े सभी अधिकारियों, कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और दृढ़संकल्प से जिले मेें सकुशल मतदान होगा। सामान्य प्रेक्षक बीआर जाधव, पन्नालाल सोलंकी, शेखर जैन, व्यय प्रेक्षक अजीत कुमार लश्कर, पुलिस प्रेक्षक एडी कुंभरे ने एमजी पॉलीटेक्निक पहुंचकर पोलिंग पार्टी की रवानगी की स्थिति का जायजा लिया।