सादाबाद में 1.73 करोड़, हाथरस में 1.88 करोड़ के काम
विकासखंड सादाबाद में करीब 1.73 करोड़, सहपऊ में 1.68 करोड़, सासनी में 84.28 लाख, हसायन में 1.81 करोड़, मुरसान में 1.19 करोड़, सिकंदराराऊ में 1.05 करोड़ और हाथरस में करीब 1.88 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित हैं। कुरसंडा, कंजौली, कजरौटी, उघैना, महरारा, सिरखरा, नगला गढ़ू, खेड़ा सुल्तानपुर, नगरिया पट्टी देवरी, धात्रा खुर्द, गोजिया और लहरा समेत अन्य गो-आश्रय स्थलों पर जरूरत के अनुसार निर्माण कार्य होंगे।
गोबर से आय बढ़ाने की भी तैयारी
गोशालाओं को केवल खर्च आधारित व्यवस्था के बजाय आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा। गोबर से लट्ठे, वर्मी कंपोस्ट और बायोगैस तैयार करने के साथ दुग्ध उत्पादन और उपयुक्त स्थानों पर मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों से आय के स्रोत विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा गोवंश के लिए पर्याप्त भूसा और हरा चारा, केयरटेकर की तैनाती, शत-प्रतिशत ईयर टैगिंग और नर गोवंश का बधियाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सीएसआर से भी जुटाई जाएगी धनराशि
गो-आश्रय स्थलों के विकास के लिए प्रस्तावित बजट के अतिरिक्त सीएसआर के माध्यम से भी धनराशि खर्च करने की योजना है। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और वित्तीय मितव्ययिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि चयनित गो-आश्रय स्थल आने वाले समय में अधिक क्षमता वाले सुरक्षित और आत्मनिर्भर केंद्र के रूप में विकसित हों।