कासिमपुर क्षेत्र में एक युवक की हत्या कर उसका शव
नदी में फेंक दिया गया। मंगलवार को शव मिलते ही सनसनी फैल गई। पुलिस ने दो
लोगों को हिरासत में लिया है। शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया गया। जानकारी
पर सीओ ने मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की।
कासिमपुर क्षेत्र के
बल्लापुर गांव में महुआ के बाग का कटान कराने को उन्नाव के गंज मुरादाबाद
के शहनवाज मजदूरों को लेकर आए थे। शहनवाज असही आजमपुर निवासी ठेकेदार जमाल
अहमद के साथ मिल कर कटान करा रहे थे। 21 फरवरी को उनके साथ आया मजदूर अंजीत
(28) पुत्र सुंदर लाल निवासी गंज मुरादाबाद अपने मजदूर साथी बबलू और नरेश
के साथ बल्लीपुर गांव चला गया।
देर रात बबलू और नरेश तो वापस आ गए, मगर वह
नहीं आया। इस पर अंजीत के भाई ने बबलू और नरेश से भाई के विषय में पूछा तो
उन लोगों ने जानकारी होने से इनकार कर दिया। घटना की जानकारी उसने थाने में
दी। जिस पर पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली। उसने अपनी मां को
जानकारी दी।
उसकी मां ने जब अंजीत के मोबाइल पर फोन किया तो उसका फोन
बबलू के पास मिला। इस पर उन लोगों को बबलू पर शक हुआ और पुलिस को जानकारी
दी। इस पर पुलिस ने दोनों को पूछताछ के लिए बुलाया। पुलिस उनसे अंजीत के
विषय में जानकारी कर रही थी।
परिजन भी अंजीत की तलाश कर रहे थे। मंगलवार की
देर शाम ग्राम बिरौली-हसनापुर के बीच सई नदी में उसका शव पड़ा मिला। आस
पास खेत पर काम कर रहे ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। इस पर अमित
सहित कई मजदूर मौके पर पहुंचे।
इस दौरान अमित ने शव की शिनाख्त अपने भाई
अंजीत के रूप में की। अजीत के उसकी शर्ट से हाथ बंधे हुए थे। अमित ने बबलू
और नरेश पर भाई की हत्या करने का आरोप लगाया है। घटना की जानकारी मिलने
पर सीओ संडीला चरन सिंह मौके पर पहुंचे और जांच पड़ताल की।