हरदोई। श्रीरामलीला मेला कमेटी के तत्वावधान में शुक्रवार की रात नुमाइश मैदान में कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। शनिवार सुबह चार बजे तक चले कवि सम्मेलन में अलग-अलग शहरों से आए कवियों ने श्रोताओं को अपनी रचनाओं से मंत्रमुग्ध कर दिया। देश भक्ति और ओज की कविताओं के बीच भारत माता की जय के नारे भी गूंजते रहे।
कवि सम्मेलन का शुभारंभ जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष मुकेश अग्रवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। संचालन कर रहे फर्रुखाबाद के प्रख्यात कवि डॉ. शिवओम अंबर ने कवियों का परिचय कराया। आगरा से आईं योगिता चौहान ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। ओज के कवि प्रख्यात मिश्र ने पढ़ा -बोटी बोटी कट जाऊं, इंच इंच बंट जाऊं, लाडला न पुरखों की नाक को कटाएगा, या तो तिरंगा में लिपटघर आऊंगा मां, या तिरंगा सीमा पार लहराएगा।
कानपुर से आए हास्य कवि हेमंत पांडेय ने पढ़ा- डर है कहीं वो अपमान न कर दें, दिल को हमारे दालान न कर दें। तुमसे मिलने आना चाहता तो हूं, पर रस्ते में पुलिस कहीं चालान न कर दे। दिल्ली से आईं कल्पना शुक्ला ने संवेदना गीत प्रस्तुत किया, उन्होंने पढ़ा कि - मम्मी बीच में ही बंद क्यों पढ़ाई कर दी, अभी मेरी क्या उमर थी सगाई कर दी।
अंबेडकर नगर से आए ओज के कवि अभय निर्भीक ने पढ़ा- भारत माता का हरगिज सम्मान नहीं खोने देंगे, अपने पूज्य तिरंगे का अपमान नहीं होने देंगे। हास्य कवि हरदोई के ही अजीत शुक्ला ने पंचायत चुनाव के माहौल पर कविता पढ़ी-साधु जैसी छवि से मिलेगा लाभ इस हेतु हिरण की खाल में सियार घूमने लगे। एक बार हमको जिता दो कहकर सिंह मेमनों के भी चरण चूमने लगे।
मथुरा से आए मनवीर मधुर ने पढ़ा- फौलादी सीना रखते, सबमें हिम्मत भर जाते हैं, सारी दुनिया गर्व करे वो कुछ ऐसा कर जाते हैं। भिड़ जाते जो स्वयं मौत से जिंदा रहते सदियों तक, संकट से डर जाने वाले जीते जी मर जाते हैं।
बाराबंकी से आए गजेंद्र प्रियांशु ने पढ़ा - जैसे तैसे उमर बिता ली मैंने तेरे प्यार में, रात रात भर तुझको गाया, सुबह छपे अखबार में। प्रयागराज से आए व्यंग्यकार राधेश्याम भारती ने पढ़ा - लंका विजय के सब प्रयास अब तार-तार हो जाते, राम की सेना में मनुष्य होते तो हार जाते, लार टपकने लगती, कहते बाप रे इतना सोना, लड़ता कौन बांधते गठरी सब फरार हो जाते।
इस दौरान नगर पालिका के अध्यक्ष सुख सागर मिश्र मधुर, श्रीरामलीला कमेटी के संचालक राम प्रकाश शुक्ला, कृष्णावतार दीक्षित, मनीष चतुर्वेदी, जीतेश दीक्षित, अरुणेश वाजपेयी, धर्मवीर सिंह पन्ने भी मौजूद रहे।
फोटो-8-नुमाइश मैदान में आयोजित कवि सम्मेलन में काव्यपाठ करतीं योगिता चौहान व मंच पर मौजूद अन्य कव?- फोटो : HARDOI
फोटो-9-कवि सम्मेलन में मौजूद श्रोता। संवाद- फोटो : HARDOI