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Hardoi News: मेडिकल कॉलेज में सीटी स्कैन मशीन की एक्सरे ट्यूब खराब, काम ठप

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हरदोई। स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के दावों की पोल आए दिन खुल रही है। मेडिकल कॉलेज परिसर में अल्ट्रासाउंड रेडियोलॉजिस्ट न होने की वजह से बंद थे। एक्सरे मशीन कई माह से खराब है और रही सही कसर सीटी स्कैन मशीन का एक्सरे ट्यूब खराब हो जाने से पूरी हो गई। सीटी स्कैन मशीन खराब होने के चलते पिछले 48 घंटे से यहां एक भी सीटी स्कैन नहीं हुआ। इस कारण मरीज भी प्राइवेट सेंटरों पर जाने को मजबूर हैं।
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मेडिकल कॉलेज परिसर में पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर सीटी स्कैन की व्यवस्था है। यहां मरीजों का निशुल्क सीटी स्कैन किया जाता है। अब से लगभग 20 दिन पहले सीटी स्कैन मशीन खराब हुई थी, लेकिन 24 घंटे के अंदर ही इसकी मरम्मत हो गई थी। अब फिर से मशीन खराब है। विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि मशीन की एक्सरे ट्यूब खराब हो गई है। यह ट्यूब शुक्रवार को ही खराब हो गई थी। विशेषज्ञों को बुलाकर मशीन की जांच कराई गई, लेकिन पता चला कि नई ट्यूब डालने पर ही मशीन काम करेगी। नई ट्यूब की अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये है।
मेडिकल कॉलेज प्रशासन से जुड़े सूत्रों ने बताया कि ट्यूब खरीदने के लिए ऑर्डर दे दिया गया है। अगले दो से तीन दिन के अंदर ट्यूब आ जाएगा। इसके बाद व्यवस्था में सुधार होगा। प्रधानाचार्य डॉ. जेविन बिष्णु गोगोई ने बताया कि मशीन की खराब हुई ट्यूब को बदलवाने के निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही सुधरवाकर मशीन चालू कराई जाएगी।
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हर रोज सीटी स्कैन कराने आते हैं औसतन 80 मरीज
मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में आने वाले मरीजों काे कई बार चिकित्सक सीटी स्कैन की सलाह देते हैं। इसके अलावा सड़क हादसों या मारपीट के दौरान सिर में चोट लगने से घायल मरीजों का भी सीटी स्कैन कराया जाता है। औसतन हर रोज 80 मरीजों का सीटी स्कैन होता है। मशीन खराब होने से इन मरीजों को वापस जाना पड़ रहा है। कुछ सामर्थ्यवान मरीज प्राइवेट सेंटरों पर जाकर सीटी स्कैन कराते हैं। प्राइवेट सेंटर में दो हजार रुपये से कम में सीटी स्कैन नहीं होता।
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