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कुंडीय महामृत्युंजय गायत्री महायज्ञ के चौथे दिन रविवार को श्रद्धालुओं
ने हवन करके पर्यावरण शुद्धि व राष्ट्र उत्थान की कामना की। कइ लोगों के
संस्कार वैदिक मंत्रों के बीच संपन्न कराए गए। आवास विकास कालोनी में
चल रहे गायत्री महायज्ञ में भक्तिभाव का माहौल है।
पुंसवन संस्कार, नामकरण
संस्कार, विद्यारंभ, यज्ञोपवीत व दीक्षा संस्कार कराए गए। अस्वस्थ लोगों के
स्वास्थ्य लाभ, पर्यावरण शुद्धि, सत्प्रवत्ति संवर्धन, दुष्प्रवृत्ति
उन्मूलन और राष्ट्र उत्थान के लिए हवन कुंड में आहुतियां डाली गईं।
हरिद्वार से आए गायत्री तपोवन के गंगा सिंह ने गायत्री मंत्र को विज्ञान से
जोड़कर उसके लाभ एवं उपयोगिता को वर्णित किया।
औरास शक्तिपीठ के संचालक
मुकेश गुप्ता ने देश पर न्यौछावर होने वाले शहीदों को नमन किया। उन्होंने
कहा कि जिस तरह सीमा पर तैनात सैनिक अपने प्राणों की बाजी लगाकर बुराई को
अपने भारत देश की सीमा में प्रवेश नहीं करने देता, उसी तरह अपने देश में
रहने वाले हर भारतीय का कर्तव्य है कि न सिर्फ अपने अंदर के रावण बल्कि
समाज में बसी कुरीतियों का भी नाश करे और स्वच्छ व स्वस्थ भारत के निर्माण
में सहयोग करे।
इस मौके पर कैलाश मेहरोत्रा, केके सिंह, रामसनेही शुक्ला,
अवधेश खरे, चंद्रभूषण सिंह, अशोक मुखर्जी, जर्नादन सिंह, रामशंकर फौजी,
राकेश बाबू द्विवेदी, रामनरेश द्विवेदी, चेतन, अपूर्वा, रेखा, शिखा, छाया,
श्रद्धा, शिवानी आदि मौजूद रहे।