प्राकृतिक चिकित्सक डा. राजेश मिश्रा ने बताया कि 21 जून को विश्व योग दिवस पर ध्यान-योग, प्राणायाम, आहार-विहार और विचारों के संबंध में टिप्स दिए जाएंगे। यह कार्यक्रम शहीद उद्यान स्थित कायाकल्प केंद्र पर होगा।
पत्रकारों को डा. राजेश ने बताया कि उन्होंने 40 दिन अन्न त्याग का संकल्प लिया है, जिसके 15 दिन बीते चुके हैं। बताया कि गत वर्ष 21 जून को कैवल्य धाम, लोनावाला में योग दिवस मनाने के बाद स्वामी नारायण संप्रदाय का एक प्रतिनिधि मंडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिला था।
उसके बाद यूनाइटेड नेशंस की आम सभा ने भारत के प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए 21 जून को विश्व योग दिवस के रूप में मनाने की सहमति दी थी। इस वर्ष 177 देशाें में इस दिन योग दिवस मनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि योग साधना के दृष्टिकोण से यह तिथि काफी महत्वपूर्ण है।
इस दिन सूर्य धरती की दृष्टि से उत्तर से दक्षिण की ओर चलना शुरू करता है। इस दिन ग्रीष्म संक्रांति होती है। योगिक कथा के अनुसार शिव आदि योगी है। आज के परिवेश में योग को लोग अपनी अपनी तरह से परिभाषित कर रहे हैं, जबकि योग वास्तव में साधना और ध्यान है।